बड़कागांव बीडीओ की पत्नी पर आरोप, बच्ची को बेरहमी से पीटा और आयरन से दागा, जांच के आदेश

बड़कागांव बीडीओ की पत्नी पर आरोप, बच्ची को बेरहमी से पीटा और आयरन से दागा, जांच के आदेश
पीबी ब्यूरो ,   Oct 02, 2019

झारखंड में हजारीबाग के उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह ने बड़कागांव के बीडीओ राकेश कुमार की पत्नी पर लगे आरोपों के मामले में जांच के आदेश दिए दिए हैं.

इस बीच चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रतिनिधि ने पीड़िता के परिजनों से बात कर पूरे मामले में जानकारी जुटाई है. नाबालिग आदिवासी बच्ची अभी हजारीबाग स्थित सदर अस्पताल में इलाज के लिेए भर्ती है. उसकी हालत अच्छी नहीं है. वह बोल नहीं पा रही है. 

हजारीबाग के उपायु्क्त ने बताया है कि जिले के अपर समाहर्ता को जांच की जिम्मेदारी दी गई हैं. जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले बड़कागांव के बीडीओ राकेश कुमार ने पत्नी और खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है. उन्होने मीडिया से कहा है कि बच्ची उनके घर में काम करती थी, लेकिन उसे प्रताड़ित नहीं किया गया. 

जबकि पीड़िता के पिता और भाई का कहना है कि बच्ची चार महीने से बीडीओ के यहां काम कर रही थी. पहले उसे प्रताड़ित किया गया फिर लावारिस हाल में बड़कागांव में छोड़ दिया गया. 

पीड़िता बड़कागांव पतरा के सौहदी कोयलांग की रहने वाली है. उसके पिता किनतुस लकड़ा और मौसेरा भाई राहुल लकड़ा बताते हैं कि बड़कागांव के रहने वाले बिपिन महतो नाम के एक व्यक्ति ने बच्ची को बीडीओ के घर नौकरानी के काम पर लगाया था. काम पर लगाने के बाद ही बच्ची को कई वजहों से प्रताड़ित किया जाता था. उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था. 

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बीडीओ और उनकी पत्नी हजारीबाग शहर में रहती हैं. राहुल लकड़ा कहते हैं कि लगभग 25 दिनों पहले सात सितंबर को दो सौ रुपए चोरी के आरोप में बच्ची की बेरहमी से पिटाई की गई. बच्ची को करम परब पर घर आने भी नहीं दिया. ये सारी घटनाएं बीडीओ की जानकारी में होती रही. बीडीओ ने भी मामले को दबाने का प्रयास किया. 

इससे भी जी नहीं भरा, तो बीडीओ की पत्नी न गर्म आयरन (इलेक्ट्रिक ) से शरीर के कई हिस्सों में दागा गया, जिसके निशान अब भी उसके शरीर पर बने हुए हैं. छाती पर आयरन से दागा गया है. उसके बाल नोंचे गए. गर्म पानी में बच्ची के हाथ डुबो दिए गए. 

बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर घर पर ही उसका इलाज कराया गया और चार दिनों पहले उसे बड़कागांव चौक पर लावारिस छोड़ दिया गया. कुछ लोगों ने परिजनों को सूचना दी. वहां से परिजन घर ले गए. इसके बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

इस बीच मंगलवार को चाइल्ड हेल्पलाइन की प्रतिनिधि शांति सदर अस्पताल पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली. उन्होंने मीडिया से कहा है कि मामला गंभीर है.

बच्ची को खतरनाक ढंग से प्रताड़ित किया गया है. उसके शरीर पर जख्मों को देखने से लगता है कि जान बच गई. बाल कल्याण समिति को भी इस घटना की जानकारी दी गई है. बच्ची का बयान लेकर एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने बताया कि कई दिनों से बच्ची को घर में बंद करके रखा गया था. जब से पीड़िता को अस्पताल लाया गया है, वह बात नहीं कर सकी है. यह बंधुआ मजदूरी तथा मानव तस्करी का भी मामला भी बनता है.  


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