संघ लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के जरिये देश पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहाः डी राजा

संघ लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के जरिये देश पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहाः डी राजा
पीबी ब्यूरो ,   Oct 12, 2019

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने कहा है कि संघ लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के जरिये देश पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहा है. परिस्थितियां विपरीत हैं. हमारी ताकत भले कम है, पर आखिरी तक संघर्ष जारी रखेंगे. और भाजपा तथा संघ की विचारधारा को पराजित करेंगे. भारत की आजादी को बचाए रखेंगे.

झारखंड की राजधानी रांची स्थित सत्य भारती सभागार में शनिवार को ‘एसोसिएशन फॉर सोशियो-पॉलिटिकल जस्टिस’ विषय पर व्याख्यान में डी राजा बोल रहे थे. इस व्याख्यान में एके रासमिली, केडी सिंह, राजेंद्र राम रामलू, बशीर अहमद, इफ्तिखार मोहम्मद और महेंद्र पटेल मौजूद थे. 

डी राजा ने कहा कि झारखंड और भारत में अभी शांति नहीं है. देश में कभी भी मॉब लिंचिंग की घटना हो सकती है. भाजपा के शासन में आम लोगों के अधिकारों, उनकी सभ्यता एवं संस्कृति, भाषा और धर्म पर हमले हो रहे हैं. सभी राजनीतिक दलों को मिलकर इसका प्रतिकार करना होगा.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में संविधान और लोकतंत्र के साथ संसद की गरिमा को भी कम किया गया है. संघ भारत को हिंदू राष्ट्र बताने पर आमादा हैं. यह संविधान का अपमान है. 

डी राजा ने कहा कि भारत के संविधान में ‘हम भारत के लोग’ कहा गया है. इसमें कहीं भी हम भारत के हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई या आदिवासी नहीं कहा गया है. डॉ आंबेडकर ने कहा था कि देश में सबको समान अधिकार होना चाहिए. व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोग एक-दूसरे को प्यार करें. सामाजिक न्याय को सर्वोपरि रखना होगा. लेकिन, आज के दौर में ये सारी चीजें खतरे में है. हम सबको मिलकर इसके खिलाफ संघर्ष करना होगा. भाकपा महासचिव ने यह भी कहा कि देश भर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू नहीं होने दिया जायेगा. 

इसे भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख महज जमीन का टुकड़ा नहीं, भारत का ताज हैं- नरेंद्र मोदी

इंकलाब जिंदाबाद

डी राजा ने कहा कि परिस्थितियां विपरीत हैं, लेकिन हमें घबराना नहीं है. भगत सिंह ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया था. जब उन्हें फांसी देने के वक्त से पहले बुलाया गया, तो वे एक पुस्तक पढ़ रहे थे. उन्होंने सजा को स्वीकार किया. फांसी से पहले भगत सिंह से उनकी अंतिम इच्छा पूछी गयी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें नकाब न पहनाया जाए. वह चाहते हैं कि जब उनकी सांसें थम जाए, तो उनकी नजरों के सामने उनका मादर-ए-वतन हो. राजा ने कहा कि भगत सिंह ने मरते वक्त दो शब्द कहे थे - इंकलाब जिंदाबाद. हर भारतीय को इन दो शब्दों को याद रखना चाहिए.

डी राजा ने कहा कि भारत की आजादी को बचाये रखने की जिम्मेवारी हम सब पर है. हम मिलकर संघर्ष कर रहे हैं. इस संघर्ष को जारी रखना होगा. मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए हम अनवरत संघर्ष करते रहेंगे.


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