रघुवर दास की 'कृषि आशीर्वाद योजना' बंद करने की तैयारी, कर्ज माफी की ओर बढ़ेगी हेमंत सरकार

रघुवर दास की 'कृषि आशीर्वाद योजना' बंद करने की तैयारी, कर्ज माफी की ओर बढ़ेगी हेमंत सरकार
Publicbol-File Photo ( पिछले साल 10 अगस्त को रांची से शुरू की थी योजना, किसानों के खाते में डाले गए थे 442 करोड़)
पीबी ब्यूरो ,   Feb 07, 2020

झारखंड में रघुवर दास सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि आशीर्वाद योजना बंद करने की तैयारी की जा रही है. इस योजना पर खर्च किए जा रहे पैसे को हेमंत सोरेन की सरकार किसानों की कर्ज माफी में लगाएगी. 

कांग्रेस और जेएमएम ने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों की कर्ज माफी का वादा किया है. खबरों के मुताबिक वित्तीय वर्ष (2020-21) के कृषि विभाग के बजट में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है. 

इसके अनुसार रघुवर सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना बंद होगी. इस योजना मद में खर्च होनेवाली राशि का उपयोग अब किसानों का कर्ज माफ करने में किया जाएगा.

सरकार ने किसानों को ऋण माफी के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. रघुवर सरकार में कृषि आशीर्वाद योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर लगभग नौ सौ करोड़ रुपए किसानों को दिए गए थे. 

2020-2021 के बजट में कर्ज माफी पर दो हजार रुपए करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है. सरकार की नजर इस ओर है कि कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसानों को दिए जा रहे पैसे को रोक कर कर्ज माफी पर पैसे खर्च किए जाएं. 

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कृषि मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद मंत्री बादल ने संकेत दिया था कि राज्य में किसानों की कर्ज माफी को लेकर सरकार सकारात्मक कदम उठाएगी. 

क्या है कृषि आशीर्वाद योजना 

पिछले साल 10 अगस्त को राजधानी रांची से मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की गई थी. समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को बुलाया गया था.

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत झारखंड के 13 लाख 60 हजार किसानों के खाते में 442 करोड़ की राशि डीबीटी के मार्फत भेजी गई. 

इसके बाद 10 अक्तूबर को रघुवर दास ने चाईबासा में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के साढ़े 11 लाख किसानों के खाते में 452 करोड़ रुपये की पहली किस्त  भेजी थी. 

इस योजना से राज्य के 35 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को लाभ दिया जाना था. सरकार की मंशा थी कि खेती के मौसम में किसानों के हाथ में पैसे रहे, जिससे वे खाद, बीज का इंतजाम कर सकें. खेती के लिए कर्ज नहीं लेना पड़े.. 

रघुवर सरकार ने तय किया था कि कृषि आशीर्वाद योजना के तहत लघु और सीमांत किसान, जिनके पास एक एकड़ तक जमीन है उन्हें पाच हजार रुपए प्रति वर्ष और जिनके पास पांच एकड़ जमीन है उन्हें प्रति वर्ष 25 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी. यह योजना अधिकतम पांच एकड़ तक के लिए होगी.

हालांकि पहली किस्त के बाद दूसरी किस्त की राशि का किसान इंतजार कर रहे थे. इस बीच चुनाव हुआ और रघुवर दास के हाथों से सत्ता की बोगडोर निकल गई. 

इस योजना की शुरुआत करते हुए रघुवर दास की सरकार ने दावा किया था कि झारखण्ड के किसानों ने अपनी मेहनत से सिर्फ 4 साल में नया कीर्तमान बनाया है. 2013-14 में कृषि फसल विकास दर -4.5% थी, यह 4 सालों में बढ़कर 14.2% हो गई है.


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