जमीन पर बैठकर मिड डे मील खाए मंत्री जगरनाथ, समर्थक ने कहा,'एक ही गो तो दिल है, कितना बार जीतिएगा'

 जमीन पर बैठकर मिड डे मील खाए मंत्री जगरनाथ, समर्थक ने कहा,'एक ही गो तो दिल है, कितना बार जीतिएगा'
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पीबी ब्यूरो ,   Feb 06, 2020

झारखंड में हेमंत सोरेन की नई सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे जगरनाथ महतो ने आज गिरिडीह जिले के एक सरकारी स्कूल में जमीन पर बैठकर बच्चों के साथ मध्‍याह्न भोजन खाया. मंत्री ने खुद थाली धोकर भी रखी. 

स्कूल पहुंचे मंत्री का यह वीडियो सोशल साइट पर तेजी से वायरल हो रहा है. साथ ही प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. 

उनके एक युवा समर्थक किशोर कुमार तूफान ने मंत्री के फेसबुक वाल पर गंवई लहजे में लिखा हैः ''एक ही गो तो दिल है, कितना बार जीतिएगा टाइगर जी!''

मनोरंजन महतो और अनूप कुमार दास ने लिखा है, तभी तो मिड डे मील की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलेगी. जबकि राजेंद्र प्रसाद ने कहा है कि जमीन से जुड़े हैं जगरनाथ महतो. जरूर ठीक काम करेंगे.

कई लोगों ने अपने-अपने इलाके के स्कूलों में मंत्री को यह कहते हुए बुलाया है कि बहुत दयनीय स्थिति है. स्कूल में टीचर नहीं और भवन की हालत भी ठीक नहीं. कुछ लोगों ने कहा है कि आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत है. बहुत घालमेल है. 

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पीरटांड़ के स्कूल में

आज गिरिडीह जाने के दौरान वे पीरटांड़ स्थित उत्‍क्रमित मध्‍य विद्यालय मांझीडीह पहुंचे. यहां शिक्षा मंत्री ने बच्‍चों संग जमीन पर बैठ कर मध्‍याह्न भोजन भी किया. साथ ही बच्‍चों के बीच कॉपियों का वितरण किया. शिक्षकों और रसोईया की समस्याएं सुनी. व्यवस्था व पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. 

जगरनाथ महतो डुमरी से जेएमएम के विधायक हैं. लगातार चौथी बार चुनाव जीते हैं. इस बार हेमंत सोरेन की सरकार में शिक्षा और उत्पाद मंत्री बनाए गए हैं. वे दसवीं पास हैं. 31 जनवरी को उन्होंने शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला, तो उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर टीका-टिप्पणी की जाती रही.

शिक्षा और उत्पाद मंत्री एक साथ बनाए जाने पर सोशल साइट पर ट्रोल भी किए गए.  

बेफिक्र काम में लगे हैं

लेकिन इन सबसे बेफिक्र वे अपने महकमा का हाल करीब से जानने में जुटे हैं. वे लगातार दूरदराज के स्कूलों में पहुंच जा रहे हैं. पूर्व की सरकार में स्कूलों को दिए गए टैब में मुख्यमंत्री के तौर पर रघुवर दास का संदेश भी हटाने को कहा है. इसकी वजह बताते हैं कि अब रघुवर दास सीएम नहीं हैं, तो उनका संदेश कैसे जाएगा. मंत्री के इस आदेश से विभाग मुश्किलो में है. 

मंत्री जगरनाथ महतो कहते हैं, ''जमीन से जुड़ा रहा हूं. गांव-गिराव, भाषा, संस्कृति पंरपरा का मर्म जानता हूं. और एक जनप्रतिनिधि के तौर पर समस्याओं को करीब से देखा- जानता हूं. अब जिम्मेदारी मिली है, तो काम करके दिखाना है. सीधे स्कूल जाने से बच्चों, शिक्षकों और गांव के लोगों से बातें होती है. अफसर सब को भी दौड़ाएंगे. हर हाल में सरकारी स्कूलों को आगे ले जाना है''.

इससे पहले सरकार में शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद 31 जनवरी की शाम जगरनाथ महतो गढ़वा जिले के कांडी स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचे थे. स्कूल में अधिकारियों और शिक्षिकाओं के साथ बैठक कर एक नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने के मामले में उन्होंने पूछताछ की और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया. 

यह स्कूल झारखंड की राजधानी रांची से 265 किलोमीटर दूर है. स्कूल की एक छात्रा के गर्भवती होने के बाद यह मामला सुर्खियों में है. इस मामले में जिले की बाल कल्याण समिति अलग जांच कर रही है.

इधर पांच फरवरी को मंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद कहा है कि पारा शिक्षकों के लिए प्रस्तावित सेवा शर्त नियमावली बजट सत्र के पहले बन जाएगी.

इसे भी पढ़ें: झारखंड में पारा शिक्षक सेवा शर्त नियमावली बजट सत्र से पहले बन जाएगीः शिक्षा मंत्री

मंत्री का कहना है कि अब फाइल लटकाने वाला काम नहीं होगा. नियामवली बहुत जल्दी बनेगी. और यह नियमावली झारखंडी तथा पारा शिक्षकों के हितों में होगी. 

शिक्षा मंत्री ने कहा, खूंटा गाड़ने से कोई सर्वमान्य हल नहीं निकलता है. इसके लिए दो कदम हमलोग आगे बढ़ेंगे. दो कदम पारा शिक्षक बढ़ेंगे. शिक्षा मंत्री ने भरोसे के साथ कहा, '' पहले की बात कुछ और थी अब नियमावली बनने दीजिए, सब संतुष्ट होंगे.'' 

हालांकि बीजेपी ने आज कहा है कि पारा शिक्षकों के मामले में सरकार अपने किए वादे से पीछे हट रही है. 

जगरनाथ महतो बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड में अलारगो गांव के रहने वाले हैं. मंत्री बनने के अगले ही दिन तीस जनवरी को वे अपने पैतृक गांव अलारगो स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में सरस्वती की पूजा अर्चना करने पहुंचे.

 


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