झारखंडः जानें, छह विधायकों की पलटीमार राजनीतिक जमीन

झारखंडः जानें, छह विधायकों की पलटीमार राजनीतिक जमीन
Publicbol (Randhir Singh, Sarath)
पीबी ब्यूरो ,   Feb 20, 2019

झारखंड विकास मोर्चा से चुनाव जीतने वाले छह विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही दल- बदल के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने फैसला सुना दिया है. इस फैसले से सरकार और विधायकों को राहत मिली है. सालों से सुर्खियों में रहे इन छह विधायकों में दो सरकार में मंत्री तथा तीन बोर्ड-निगम में चेयरमैन हैं. नवीन जायसवाल को छोड़ पांच लोग पहली बार 2014 में चुनाव जीते थे. जबकि नवीन जायसवाल 2012 में आजसू के टिकट से हटिया विधानसभा उपचुनाव जीते थे. सरकार में मंत्री रहे रणधीर सिंह अक्सर चर्चा में रहे हैं. पक्ष में फैसला पर कई विधायकों ने न्याय की जीत बताया है. 

सारठ से रणधीर सिंह

रणधीर सिंह अभी बीजेपी सरकार में कृषि मंत्री हैं. 2014 में वे पहली दफा चुनाव जीते थे. इससे पहल 2009 के चुनाव में वे सारठ विधानसभा क्षेत्र से लोकतांत्रिक समता दल से चुनाव लड़े थे. यह चुनाव जेएमएम के शशांक शेखर भोक्ता जीते थे। जबकि रणधीर सिंह को 21720 वोट मिले थे और वे तीसरे नंबर पर थे. साल 2014 में रणधीर सिंह झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव जीते. हाल ही में एक सरकारी योजना की आधारशिला रखने के लिए रणधीर सिंह हाथी पर सवार होकर निकले थे.

मंत्री की यह तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल भी हुई. पिछल साल भी कृषि मंत्री सुर्खियों में आए थे. अगस्त महीने में रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री ने मशहूर अर्थशास्त्री और सामाजक कार्यकर्ता ज्यांद्रेज बोलने से रोका दिया था. ज्यां द्रेज जब धर्मांतरण के सवाल पर सरकार द्वारा जारी एक वित्रापन की चर्चा कर रहे थे, तो मंत्री भड़क गए थे.

Publicbol (Navin Jaysawal, Hatia)

हटिया से नवीन जायसवाल 

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दल-बदल के घेरे में आए नवीन जायसवाल ने आजसू पार्टी से राजनीति की शुरुआत की. 2009 में वे हटिया विधानसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर थे. उन्हें 22847 वोट मिले थे. कांग्रेस के विधायक गोपाल शरण नाथ शाहदेव के निधन के बाद हटिया की रिक्त सीट पर 2012 में हुए उपचुनाव में नवीन जायसवाल आजसू पार्टी से चुनाव जीते. इस उपचुनाव में आजसू का पूरा कुनबा नवीन जायसवाल के समर्थन में मोर्चा संभाल रहा था. 

2014 के चुनाव में आजसू पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का फैसला लिया. बीजेपी ने आजसू के लिए आठ सीटें छोड़ी, जिसमें हटिया सीट शामिल नहीं थी. तब नवीन जायसवाल ने झारखंड विकास मोर्चा का दामन थामा और चुनाव लड़े. नवीन जायसवाल ने बीजेपी को हकार इस सीट पर दोबारा कब्जा जमाया. लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे जेवीएम छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. माना जाता है कि बीजेपी में विधायकों को शामिल कराने में उनकी अहम भूमिका रही. 

Publicbol (Janki Yadav, Batkattha)

बरकट्ठा से जानकी यादव

बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते जानकी यादव भी दल-बदल के घेरे में हैं. वे भी पहली बार चुनाव जीते हैं. हालांकि 2005 के चुनाव में वे राजद के टिकट से चुनाव लड़े थे. उस चुनाव में उन्हें 25 हजार 781 वोट मिले थे. इसके बाद 2009 के चुनाव में भी वे झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़े. 30 हजार 117 वोट मिले थे और वे दूसरे नंबर थे.

2104 में झारखंड विकास मोर्चा ने जानकी यादव को फिर चुनाव लड़ाया. इस बार चुनाव जीतने के बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए. सरकार ने 2106 में जानकी यादव को आवास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया. 

Pubilcbol (Ganesh Ganjhu, Simaria)

सिमरया से गणेश गंझू

अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सिमरिया विधानसभा क्षेत्र से गणेश गंझू 2014 में पहली बार झारखंड विकास मोर्चा के टिकट से चुनाव जीते. चुनाव जीतने के बाद वे भी बीजेपी में शामिल हो गए.बाद में सरकार ने गणेश गंझू को मार्केटिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया. गौरतलब है कि 2009 में गणेश गंझू झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट से चुनाव लड़े थे. 25 हजार 982 वोट लाकर वे दूसरे नंबर पर थे.

Publicbol (Alok Chourasia, Daltonganj)

डालटनगंज से आलोक चौरसिया

आलोक चौरसिया भी पहली बार चुनाव जीतने वालों में शामिल हैं. 2014 में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट से चुनाव लड़कर उन्होंने बीजेपी के दिलीप सिंह नामधारी और कांग्रेस के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी को हराया. बीजेपी में शामिल होने के बाद सरकार ने आलोक चौरसिया को वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया. आलोक चौरसिया डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र में जमीनी नेता के तौर पर पहचन बनाने वाले दिवंगत अनिल चौरसिया के पुत्र हैं. हालांकि अनिल चौरसिया तीन बार कांटे की टक्कर में इंदर सिंह नामधारी सरीखे बड़े नेता से हारे.

Publicbol (Amar Bauri, Chandankyari)

चंदनक्यारी से अमर बाउरी 

राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले समरेश सिंह के बेहद करीबी रहे अमर बाउरी ने भी 2014 में पहली बार चुनाव जीता. इससे पहले वे 2009 में भी झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़कर आजसू पार्टी से हार गए थे. 2009 के चुनाव में बाउरी को 33 हजार 101 वोट मिले थे. जबकि 2005 के चुनाव में उन्हें 12509 वोट मिले थे. 2014 में उन्होंने पूर्व मंत्री उमाकांज रजक को हराया. बीजेपी में शामिल होने के बाद सरकार में उन्हें भूमि सुधार राजस्व मंत्री बनाया गया.

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