वीडियो: झारखंड के टोरी में 22 घंटे से रेलवे ‌‌‌‌‌‌ट्रैक पर क्यों धरना प्रदर्शन कर रहे टाना भगत

वीडियो: झारखंड के टोरी में 22 घंटे से रेलवे ‌‌‌‌‌‌ट्रैक पर क्यों धरना प्रदर्शन कर रहे टाना भगत
पीबी ब्यूरो ,   Sep 03, 2020

छोटानागपुर और पलामू के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले आदिवासी टाना भगतों ने एक बार फिर आंदोलन का रूख अख्तियार कर लिया है.

सैकड़ों की तादाद में महिला पुरुष 22 घंटे से ज्यादा वक्त से टोरी जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक जाम कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं./p>

रेल पटरी जाम किए जाने की वजह से दिल्ली से रांची आ रही स्पेशल ट्रेन समेत कई माल गाड़ियां डालटनगंज और दू‌सरी जगहों में घंटों फंसी रही.चंदवा प्रखंड के टोरी जंक्शन रेलवे स्टेशन पर महात्मा गांधी के अनुयायी आदिवासी टाना भगतों ने भूमि कानूनों में अपने हितों के अनुसार बदलाव की मांग के साथ बेमियादी आर्थिक नाकेबंदी कर रेल मार्ग जाम कर दिया है. 

प्रशासन और रेलवे के अधिकारी स्पेशल एक्सप्रेस से आने वाले यात्रियों को बसों के जरिए रांची भेजे जाने में जुटे हैं.

इधर टोरी जंक्शन के पास धरना पर बैठे टाना भगतों से बातचीत की सरकारी कोशिशें जारी है, लेकिन वे टस से मस नहीं हो रहे.

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इससे पहले बुधवार को अलग-अलग हिस्सों से टाना भगतों का जुटान चंदवा टोरी में हुआ था.

हालांकि पुलिस ने चंदवा पहुंचने से पहले कई जगहों पर टाना भगतों को रोक दिया था. इधर चंदवा में भी टाना भगतों को घेरा में लेकर थाना ले आया गया.

इस दौरान टाना भगतों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध भी किया.अधिकारियों ने चंदवा थाना परिसर में टाना भगतों से वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग को लेकर अड़े रहे. दोपहर 3 बजे तक आंदोलन शांत रहा, लेकिन सैकड़ों टाना भगतों को आंदोलन स्थल पर जाने से रोके जाने के कारण वे आक्रोशित हो गए और सुरक्षा घेरे को तोड़ कर रेल पटरी तथा सड़क जाम कर बैठ गए. गांधी के अनुयायियों का रुख देख पुलिस पीछे हटी, तो वे टोरी जंक्शन के पास  रेलवे ट्रैक पर धरना पर बैठ गए.

बुधवार शाम करीब पांच बजे से यह धरना जारी है. टाना भगत छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) को हु-ब-हू लागू करने की मांग के साथ नदी, पठार, जंगल, झाड़, खनिज पर अपना मालिकाना हक मांग रहे हैं.

धर्मसाय टाना भगत, हेमंती टाना भगत, सुकर मणि टाना भगत कहते हैं, "हमारे पुरखों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई की, जमीन पर हक और लगान के खिलाफ आवाज उठाई. अहिंसा के पुजारी गांधी को आदर्श माना, तिरंगे की पूजा की.आज भी हम उसी राह पर कायम हैं. सरकारें आती-जाती रही हमें अपना हक नहीं मिला."

इस बीच धनबाद रेल मंडल के बरकाकाना स्थित मंडल यातायात प्रबंधक मनीष सौरभ ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बुधवार शाम से टोरी जंक्शन पर जारी धरना से बरकाकाना-बरवाडीह रेल खंड पर रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया.उन्होंने बताया कि नई दिल्ली से रांची जा रही राजधानी एक्स्प्रेस डाउन 02454 को डालनगंज रेलवे स्टेशन पर सुबह साढ़े पांच बजे से रोक लिया गया, रांची जाने वाले लगभग 750 यात्री फंसे हुए हैं. उन्होंने बताया कि इन यात्रियों को अब सड़क मार्ग से उनके गंतव्य भेजने की व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है.सौरभ ने बताया कि धरना के चलते बुधवार की शाम से सत्तर से अधिक मालगाड़ियां जहां तहां रुकी हैं जिनसे दिल्ली, पंजाब समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विद्युत उत्पाक संयंत्रों के लिए आवश्यक सामान के साथ कम से कम तीन दर्जन रेक कोयले भी भेजे जा रहे थे. उन्होंने बताया कि इस तरह के धरने से जहां कोयले के यातायात पर बुरा प्रभाव पड़ा है वहीं रेलवे को भारी आर्थिक क्षति भी हुई है.इससे पहले बुधवार की रात और आज सुबह टाना भगत ने प्रशासन द्वारा दी जाने वाली किसी भी सहायता लेने से इनकार कर दिया.

अपनी व्यवस्था पर रात ट्रैक पर ही गुजारा. गुरुवार की सुबह वे लोग पास के तालाब और चापानल में जाकर नित्यक्रिया से निबटकर जामस्थल में ही पूजा अर्चना की और अपना आंदोलन चालू रखा.

सुबह से कई जगहों के टाना भगत भी जाम स्थल में पहुंचने लगे. गौरतलब है कि आदिवासी समुदाय के टाना भगत किसी के हाथ का बना खाना नहीं खाते.

वे तिरंगे की पूजा अर्चना पारंपरिक विधि विधान से करते हैं. आज सुबह उन्होंने ऐसा ही किया .

इधर स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस में करीब 750 यात्री सुबह से ही डाल्टनगंज में फंसे हुए हैं.

धनबाद रेल मंडल के पीआरओ पीके मिश्र ने कहा कि टाना भगत के आंदोलन का संबंध रेलवे से नहीं है.

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लेकिन उन्होंने टोरी जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेलों की आवाजाही रोक दी है.

इसलिए एहतियात के तौर पर विशेष राजधानी एक्सप्रेस को डालटनगंज स्टेशन पर रोका गया है. वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास जारी है. इस बीच लातेहार के अपर समाहर्ता शिकारी कच्छप, एसडीओ सागर कुमार, ट्रेनी आईपीएस हरविब सिंह, डीएसपी सागर कुमार टाना भगत को मनाने में जुटे हैं, लेकिन वे आश्वासन पर हटने को फिलहाल तैयार नहीं दिखते. इधर बीजेपी ने इस हाल के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है "देशभक्त टाना भगतों ने अपनी मांग के समर्थन में टोरी रेलवे लाइन को 22घंटे से जाम करके रखा है. सरकार का कोई प्रतिनिधि इनसे बात करने नहीं आया है.देशभक्त आदिवासी समुदाय के साथ हो रहा यह व्यवहार अति निंदनीय है"


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