झारखंड जनाधिकार महासभा ने पत्थलगड़ी गांवों की रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी, मानवाधिकार हनन पर चिंता

झारखंड जनाधिकार महासभा ने पत्थलगड़ी गांवों की रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी, मानवाधिकार हनन पर चिंता
Photo-Siraj Dutta (जांच दल में शामिल प्रतिनिधि खूंटी के गांव में)
पीबी ब्यूरो ,   Oct 10, 2019

झारखंड जनाधिकार महासभा से जुड़े कई जन संगठनों के एक दल द्वारा खूंटी के पत्थलगड़ी गांवों में हुई घटनाओं और मौजूदा हालात पर जारी जांच रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को भेजी गई है.

इससे पहले झारखंड जनाधिकार महासभा ने तथ्यों पर चर्चा के लिए मुख्य सचिव से समय मांगा था. महासभा ने बयान जारी कर बताया है कि समय नहीं मिलने पर नौ अक्तूबर को मुख्य सचिव के कार्यालय में तथ्यान्वेषण रिपोर्ट जमा की गई. साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर कई मांग रखी गई है. 

झारखंड जनाधिकार महासभा का कहना है कि जांच दल की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए समय नहीं दिए जाने से प्रतीत होता है कि सरकार पत्थलगड़ी गावों में हुए मानवाधिकार उलन्घनों पर चर्चा नहीं करना चाहती है.

गौरतलब है कि झारखंड जनाधिकार महासभा से जुड़े प्रफुल लिंडा, एलीना होरो, प्रवीर पीटर, अलोका कुजूर, बहादुर मुंडा, डेविड सोलोमन ने बीते 29 अगस्त को रांची में एक जांच रिपोर्ट जारी की है. जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि आदिवासियों के अधिकारों के बदले सरकार दमन का रवैया अपना रही है.

महासभा की मांग

इसे भी पढ़ें: दशहरा के नाम पर दिल मिलाने की कवायद, रामेश्वर उरांव बोले, रैलियों में दिखेगी कांग्रेस की ताकत

जांच दल में शामिल जेजेएमस एपवा, एचआरएलएन, झारखंड मुंडा सभा, ड्ब्लूएसएस संगठन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता, शोधकर्ता, पत्रकार और वकीलों के एक दल ने 6-7 अगस्त को खूंटी प्रखंड के पत्थलगड़ी गांव- घाघरा, भंडरा व हाबुईडीह व अर्की प्रखंड के कोचांग और बीरबांकी का दौरा किया है.

दल ने इन गांवों के साथ ही पड़ोसी गावों के आदिवासियों और ज़िले के उपायुक्त से मुलाकात कर तथ्य जुटाए हैं. यही जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी गई है. 

साथ ही सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी से महासभा ने मांग की है कि खूंटी के हजारों अज्ञात आदिवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह के आरोप में दर्ज प्राथमिकियां रद्द की जाएं.

घाघरा व अन्य गावों में सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा देना सुनिश्चित हो. 

झारखंड महासभा ने सभी नौ विद्यालयों और दो सामुदायिक भवनों से पुलिस कैंप हटाने, पांचवी अनुसूची और पेसा के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने और पत्थलगड़ी की व्याख्या पर आदिवासियों और कानूनविदों से वार्ता करने की मांग भी रखी है. 

Publicbol-File Photo

29 प्राथमिकियां 

इससे पहले 29 अगस्त को जारी रिपोर्ट में जनाधिकार महासभा ने बताया था कि पत्थलगड़ी के मामले में कुल 29 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. जब भी पुलिस गांव आती है तो ग्रामीण डर जाते हैं कि कहीं उन्हें भी इन अज्ञात लोगों के नाम पर गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

तथ्यान्वेषण दल ने पाया कि अनेक लोग, जिनपर प्राथमिकी दर्ज हुई है या जिन्हें पुलिस अचानक ले जाती है, उन्हें पता भी नहीं कि उनपर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं. वहीं, बिना ग्राम सभा की सहमति के सरकारी विद्यालयों व सामुदायिक भवनों में पुलिस कैंप लगा रखी है. 

इसकी संभावना है कि ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य पत्थलगड़ी गावों में भी है. पत्थलगड़ी गावों में आदिवासियों के अधिकारों के लगातार हनन पर राजनैतिक नेताओं की चुप्पी पर महासभा चिंतित है.

स्वशासन के अधिकार 

जांच दल का कहना है कि आदिवासियों के स्वशासन के अधिकार पर लगातार हमलों के कारण भी लोगों में गुस्सा है. विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के पहले ग्राम सभा से सहमति नहीं ली जाती है. 

इसे भी पढ़ें: हजारीबागः सड़क हादसे मे तीन की मौत, 21 लोग घायल

आदिवासियों का शोषण व उनके अधिकारों का हनन की वजह से पत्थलगड़ी गावों में बहुत लोगों ने आधार कार्ड का बहिष्कार किया है. अनेक लोगों ने बताया कि 2019 के लोक सभा चुनाव में वोट नहीं दिया, क्योंकि उनके अनुसार ग्राम सभा और ग्राम प्रधान ही उनकी सर्वोच्च स्वाशन प्रणाली हैं. 


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

कोरोना तेरे कारणः 124 वर्षों में पहली बार रद्द की गई बोस्टन मैराथन
कोरोना तेरे कारणः 124 वर्षों में पहली बार रद्द की गई बोस्टन मैराथन
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दी मंदिर-मस्जिद खोलने की इजाजत
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दी मंदिर-मस्जिद खोलने की इजाजत
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन
चीन के साथ ताजा सीमा विवाद को लेकर नरेंद्र मोदी का मूड अच्छा नहीं है : डोनाल्ड ट्रंप
चीन के साथ ताजा सीमा विवाद को लेकर नरेंद्र मोदी का मूड अच्छा नहीं है : डोनाल्ड ट्रंप
लॉकडाउन के बाद गेंदबाजों के लिए लय हासिल करना मुश्किल होगा : ब्रेट ली
लॉकडाउन के बाद गेंदबाजों के लिए लय हासिल करना मुश्किल होगा : ब्रेट ली
रांचीः क्वारंटाइन में रहने के बाद गांधीनगर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स ने फिर संभाला मोर्चा
रांचीः क्वारंटाइन में रहने के बाद गांधीनगर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स ने फिर संभाला मोर्चा
प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए और खाना भी मुहैया कराएं- सुप्रीम कोर्ट
प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए और खाना भी मुहैया कराएं- सुप्रीम कोर्ट
चाईबासाः मुठभेड़ में पीएलएफआई की एक महिला समेत तीन उग्रवादी मारे गए, एके 47 बरामद
चाईबासाः मुठभेड़ में पीएलएफआई की एक महिला समेत तीन उग्रवादी मारे गए, एके 47 बरामद
अब लॉकडाउन खत्म करना ही होगा, इसे बढ़ाने का मतलब नहींः किरण मजूमदार शॉ
अब लॉकडाउन खत्म करना ही होगा, इसे बढ़ाने का मतलब नहींः किरण मजूमदार शॉ
फीस माफी पर निजी स्कूल राजी नहीं, जगरनाथ बोले, 'शिक्षा मंत्री की बात भी आपने नहीं मानी'
फीस माफी पर निजी स्कूल राजी नहीं, जगरनाथ बोले, 'शिक्षा मंत्री की बात भी आपने नहीं मानी'

Stay Connected

Facebook Google twitter