झारखंडः रोजगार सृजन के लिए 'बिरसा हरित' समेत तीन योजनाएं चलाएगी सरकार

झारखंडः रोजगार सृजन के लिए 'बिरसा हरित' समेत तीन योजनाएं चलाएगी सरकार
IPRD Jharkhand
पीबी ब्यूरो ,   May 04, 2020

कोरोना को लेकर सामंने आए चौरतरफा संकट के बीच झारखंड मे रोजगार सृजन के लिए सरकार ने तीन योजनाओं की शुरुआत की है. आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन योजनाओं के बारे में जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलांबर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना और वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना में 20 हजार करोड़ खर्च किए जाने की तैयारी है. 

इन योजनाओं में  25 करोड मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य है. सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन करने को प्रतिबद्ध है. ये योजनाएं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन होंगी. इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर समेत सरकार के कई आला अधिकारी मौजूद थे. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बिरसा हरित ग्राम योजना' के तहत फलदार पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित है. इसमें बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनके लिए भी रोजगार उपलब्ध कराया जा सके. 

योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाया जाएगा. इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी. उन्हें पौधा का पट्टा भी दिया जाएगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें. पौधारोपण के करीब तीन वर्ष बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होने की संभावना है. 

इसे भी पढ़ें: झारखंडः हिंदपीढ़ी में कोरोना के और 8 मामले, दुमका भी आया संक्रमण के घेरे में

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना' के माध्यम से पांच लाख करोड़ लीटर जल वृद्धि की योजना है. भूमिगत जल का संवर्धन मौजूदा समय की जरूरत है.

इस  योजना के माध्यम से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाना है. साथ ही मनरेगा के तहत 10 करोड़ मानव दिवस का सृजन एवं पांच लाख एकड़ बंजर भूमि का संवर्धन करने की तैयारी है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है. सरकार ने पंचायत स्तर पर खेल का मैदान निर्माण करने की योजना शुरू की है.

'वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना' के माध्यम से जहां एक ओर सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के कार्य करेगी, वहीं खेल के माध्यम से नौकरी में आरक्षण भी दिया जाएगा.

इस योजना का नाम वीर शहीद पोटो हो करने का उद्देश्य वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ी को वीर शहीद की वीरता से अवगत भी कराना है. वीर शहीद पोटो हो ने सिंहभूम में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था.

1 जनवरी 1838 को सेरेंगसिया घाटी में वीर शहीद पोटो हो शहीद हो गए थे. इसलिए खूंटपानी में हर वर्ष पहली जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. 


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

मनोज तिवारी हटाए गए, आदेश गुप्ता को दिल्ली बीजेपी की कमान
मनोज तिवारी हटाए गए, आदेश गुप्ता को दिल्ली बीजेपी की कमान
भारत निश्चित ही अपनी आर्थिक वृद्धि फिर से हासिल करेगा, सुधारों से मिलेगी मदद: पीएम मोदी
भारत निश्चित ही अपनी आर्थिक वृद्धि फिर से हासिल करेगा, सुधारों से मिलेगी मदद: पीएम मोदी
सुर्ख़ियों में 12 साल की बच्ची निहारिका: बचाए पैसे से तीन मजदूरों को वापस झारखंड भेजा
सुर्ख़ियों में 12 साल की बच्ची निहारिका: बचाए पैसे से तीन मजदूरों को वापस झारखंड भेजा
झारखंड के लिए 2 समेत राज्य सभा की 18 सीटों पर 19 जून को होगा चुनाव, सरगर्मी तेज
झारखंड के लिए 2 समेत राज्य सभा की 18 सीटों पर 19 जून को होगा चुनाव, सरगर्मी तेज
जल संसाधन विभाग में पिछले तीन साल के सभी टेंडरों की जांच होगी, हेमंत ने दिए आदेश
जल संसाधन विभाग में पिछले तीन साल के सभी टेंडरों की जांच होगी, हेमंत ने दिए आदेश
मशहूर संगीतकार 42 साल के वाजिद खान नहीं रहे, साजिद-वाजिद की जोड़ी हुई अधूरी
मशहूर संगीतकार 42 साल के वाजिद खान नहीं रहे, साजिद-वाजिद की जोड़ी हुई अधूरी
मानसून ने केरल में दी दस्तक, अब मौसम बारिश वाला
मानसून ने केरल में दी दस्तक, अब मौसम बारिश वाला
क्या लॉकडाउन की परवाह नहीं करतीं कांग्रेस विधायक अंबा, केरेडारी की सभा में भीड़ से उठते सवाल
क्या लॉकडाउन की परवाह नहीं करतीं कांग्रेस विधायक अंबा, केरेडारी की सभा में भीड़ से उठते सवाल
चक्रधरपुरः सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सली हमले में एसडीपीओ का बॉडीगार्ड शहीद, एक एसपीओ की भी मौत
चक्रधरपुरः सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सली हमले में एसडीपीओ का बॉडीगार्ड शहीद, एक एसपीओ की भी मौत
राहुल गांधी की बात कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी नहीं सुनतेः रविशंकर प्रसाद
राहुल गांधी की बात कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी नहीं सुनतेः रविशंकर प्रसाद

Stay Connected

Facebook Google twitter