झारखंड के गरीब बेटा को मिला ब्रिटेन का डायना अवार्ड, कभी अभ्रक चुनते थे, जुनून से चमका पसीना

झारखंड के गरीब बेटा को मिला ब्रिटेन का डायना अवार्ड, कभी अभ्रक चुनते थे, जुनून से चमका पसीना
पीबी ब्यूरो ,   Jul 02, 2020

झारखंड के गिरिडीह जिले के दुलियाकरम गांव के युवा नीरज मुर्मू को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. 21 साल के नीरज मुर्मू कभी खदानों में अभ्रक चुनते थे. बाल मजदूरी से निकल कर नीरज ने वो काम किए हैं, जिसमें उन्हें ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.

नीरज मुर्मू को दिए गए प्रमाणपत्र में इस बात का उल्लेख है कि दुनिया बदलने की दिशा में उन्होंने नई पीढ़ी को प्रेरित और गोलबंद करने का महत्वपूर्ण काम किया है. 

मुर्मू को गरीब और हाशिए के बच्चों को शिक्षित करने के लिए ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है. 

सम्मान पाने के बाद इस आदिवासी बेटे की पहली प्रतिक्रिया थी, ''अब जिम्मेदारी बड़ी और अहम हो गई है. बच्चों को मजदूरी से बाहर निकालना और उन्हें पढ़ने के लिए अगली कतार में लाना, कोशिश और तेज होगी. वे चाहते हैं कि आसपास के गांवों में शिक्षा का जोर चले. हमने जो दिन देखे हैं, वह कोई दूसरा बच्चा नहीं देखे. गांव के लोगों को सरकारी योजना और जनकल्याण कार्यक्रम का लाभ मिले, इसके लिए गांव को जागरूक करने की जरूरत है. इस पर उनका विशेष जोर रहेगा. वे अतीत को याद नहीं करना चाहते. मेहनत और लगन से बदलाव लाना चाहते हैं. '' 

2011 में बदली जिंदगी

इसे भी पढ़ें: पीएम मोदी अचानक लद्दाख दौरे पर पहुंचे, सेना से संवाद

कैलाश सत्यार्थी ने खुद ट्वीट कर नीरज मुर्मू की उपलब्धि की तारीफ की है. उन्होंने कहा है, ''बेहद सुखद क्षण है. देश और अपने संगठन के लिए गौरव महसूस कर रहा हूं. नीरज को प्रतिष्ठित डायना अवार्ड 2020 मिला है. 2011 तक वो खुद अभ्रक की खतरनाक खदानों में बाल मजदूरी करता था. लेकिन अब वो शिक्षा के प्रचार- प्रसार में जुटा है''. 

दरअसल अभ्रक खदान से निकलने के बाद नीरज मुर्मू के जुनून ने उन्हें मजदूर और हाशिए पर पड़े बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है. बाल मित्र ग्राम, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन का एक प्रमुख कार्यक्रम है. 

गरीब आदिवासी परिवार का बेटा नीरज जिंदगी की दुश्वारियों के बीच बाल मजदूरी करने लगे थे. लेकिन 'बचपन बचाओ आंदोलन' (बीबीए) के कार्यकर्ताओं ने जब उन्हें बाल मजदूरी से मुक्त कराया, तब उनकी जिंदगी ही बदल गई.

जुनून और जज्बा से नीरज का पसीना चमकने लगा. पहले उन्होंने पढ़ाई की. अभी वे स्नातक पार्ट वन में हैं. इस दौरान सत्यार्थी आंदोलन के साथ मिलकर बाल मजदूरी के खिलाफ मुहिम चलाने के अहम किरदार बन गए. 

पढ़ाई के दौरान नीरज ने शिक्षा की अहमियत को आत्मसात किया और एक- एक कर बाल मजदूरों की पहचान कर उन्हें पढ़ाई से जोड़ते चले गए. नीरज बताते हैं, यह काम आसान नहीं था. एक तरफ पेट की मजबूरियां, गरीबी दूसरी तरफ हाथों से किताब और कलम का वास्ता. 

उन्होंने गरीब बच्चों के लिए अपने गांव में एक स्कूल की स्थापना की है. जिसके जरिए वे तकरीबन 200 बच्चों को समुदाय के साथ मिलकर शिक्षित करने में जुटे हैं. कम से कम 20 बाल मजदूरों को अभ्रक खदानों से मुक्त भी कराया है. 

बाल मित्र ग्राम (बीएमजी) के कार्यकारी निदेशक (प्रोग्राम) पीएन मालथी ने नीरज मुर्म को बधाई दी है. उनका कहना है, ''हमें गर्व है कि उन्होंने पूर्व बाल श्रमिकों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी पहल की है. वह हमारे बाल मित्र ग्राम में कई बच्चों के लिए एक आदर्श है जहां प्रत्येक बच्चा एक मजबूत नेता है और अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए सशक्त है.'' 

डायना अवार्ड

इस अवार्ड से हर साल 09 से 25 उम्र की उम्र के उन बच्चों और युवाओं को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए सामाजिक बदलाव में असाधारण योगदान दिया हो. ब्रिटेन में वेल्स की राजकुमारी डायना की याद में यह अवार्ड प्रदान किया जाता है.  

नीरज मुर्मू दुनिया के उन 25 बच्चों, युवाओं में शामिल हैं, जिन्हें इस गौरवशाली अवार्ड से सम्मानित किया गया. कोरोना महामारी संकट की वजह से उन्हें यह अवार्ड डिजिटल माध्यम द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया है.  


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी का निधन, पार्टी स्तब्ध
कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी का निधन, पार्टी स्तब्ध
अलीगढ़ः बीजेपी विधायक का आरोप, पुलिस ने पीटा, कार्यकर्ताओं ने थाना घेरा, तनाव
अलीगढ़ः बीजेपी विधायक का आरोप, पुलिस ने पीटा, कार्यकर्ताओं ने थाना घेरा, तनाव
रूस की कोरोना वैक्सीन के बारे जानकारों की अलग-अलग राय?
रूस की कोरोना वैक्सीन के बारे जानकारों की अलग-अलग राय?
फेसबुक पोस्ट को लेकर बेंगलुरु में भड़की हिंसा, पुलिस फायरिंग में तीन की मौत
फेसबुक पोस्ट को लेकर बेंगलुरु में भड़की हिंसा, पुलिस फायरिंग में तीन की मौत
मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन, कोरोना वायरस से संक्रमित थे
मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन, कोरोना वायरस से संक्रमित थे
कितना भी मैं किसी का विरोध करूं, भाषा की मर्यादा कभी नहीं तोड़ताः सचिन
कितना भी मैं किसी का विरोध करूं, भाषा की मर्यादा कभी नहीं तोड़ताः सचिन
रांची के निकट ओरमांझी में ट्रक पर जा रहे 35 लाख रुपए की अफीम और डोडा बरामद
रांची के निकट ओरमांझी में ट्रक पर जा रहे 35 लाख रुपए की अफीम और डोडा बरामद
दस राज्यों में कोरोना को हरा देते हैं, तो देश भी जीत जाएगाः पीएम मोदी
दस राज्यों में कोरोना को हरा देते हैं, तो देश भी जीत जाएगाः पीएम मोदी
राजस्थानः कांग्रेस में बंवडर थमने की उम्मीद, सचिन की बात सुनने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी
राजस्थानः कांग्रेस में बंवडर थमने की उम्मीद, सचिन की बात सुनने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी
झारखंड में बेरोजगारी बड़ी चुनौती, हम इससे निपटेंगेः हेमंत सोरेन
झारखंड में बेरोजगारी बड़ी चुनौती, हम इससे निपटेंगेः हेमंत सोरेन

Stay Connected

Facebook Google twitter