शहर जमशेदपुरः नामकरण के सौ साल, जानें खास बातें

शहर जमशेदपुरः नामकरण के सौ साल, जानें खास बातें
Rail Info
पीबी ब्यूरो ,   Jan 02, 2019

जमशेदपुर शहर दो जनवरी को अपने नामकरण के सौ साल पूरे कर रहा है. इस मौके पर टाटा स्टील बुधवार को एक डाक टिकट भी जारी कर रही है. 

जमशेदपुर शहर के सौ साल पूरे होने पर टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि जमशेदपुर शहर की प्लानिंग अगले सौ साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रख कर किया जा रहा है. इसके लिए कंपनी राज्य सरकार से बात भी कर रही है. 

इनके अलावा कंपनी हितों को लेकर भी उन्होंने कई अहम घोषणाएं की है. साथ ही कहा कि जमशेदपुर शहर ने सौ वर्षों में विशिष्ट और अलग पहचान कायम की है. 

टीवी नरेंद्रन ने कहा कि हमारे संस्थापक जेएन टाटा और सर दोराबजी टाटा ने 100 वर्ष पूर्व औद्योगिक शहर की जो कल्पना की थी, उसे काफी हद तक हमने पूरा किया.

गौरतलब है कि 1907 में छोटे स्तर पर टाटा स्टील की शुरुआत की गई थी. लेकिन अब यह दुनिया के बड़े कारखानों के बीच शुमार है.  

Twitter Tata Steel

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गवर्नर जनरल ने रखा नाम

दो जनवरी 1919 को भारत के गर्वनर जनरल और वाइसराय लार्ड चेम्सफोर्ड वाइसराय अपनी टीम के साथ विशेष ट्रेन से कालीमाटी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. उनका स्वागत दोराबजी टाटा ने किया था. 

इस मौके पर वाइसराय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि आपको जान कर खुशी होगी कि यह स्थान अब साकची नहीं बल्कि महान उद्यमी और टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी टाटा के नाम पर जाना जाएगा. तब जमशेदपुर का नाम रखते हुए वाइसराय ने यह भी कहा था- यह स्थान अपने नाम से परिवर्तन देखेगा. 

आजादी की लड़ाई के दौरान और बाद में जमशेदपुर के दौरे और अलग- अलग कार्यक्रमों में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, इंदिरा गांधी अटल बिहार वाजपेयी सरीखे शख्सयित भी आए.

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साकची और जुबिली पार्क

कई शोध में ये तथ्य सामने आए हैं कि 27 फरवरी 1908 को साकची के घने जंगल में पहला खूंटा गाड़ा गया था. सुवर्णरेखा और खरकईनदी का संगम होने के कारण साकची गांव की खोज की गई. 

बाद में जुबिली पार्क की स्थापना ने जमशेदपुर शहर को अलग पहचान दी. टाटा स्टील ने पचास साल पूरे होने पर यह पार्क शहरवासियों को बतौर तोहफा दिया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एक मार्च 1958 को इसका उदघाटन किया था. 

हालांकि साकची चौराहा और साकची बाजार इस शहर का अब भी केंद्र बिंदु है. जमशेदपुर की पहचान एक बेहतरीन औद्योगिक शहर के तौर पर भी की जाती है. 

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कीनन स्टेडियम

कीनन स्टेडियम, टाटा तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र, टाटा जू, डिमना लेक, सेंटर फॉर एक्सलेंस, बिजनेस शिक्षण संस्थान, जेवियर लेबर रिलेशन संस्थान ( एकसएलआरआइ) के अलावा 1908 में खोले गए टाटा मेन हॉस्पीटल ( टीएमएच) यहां की खास पहचान है. राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी जमशेदपुर से उभरे हैं. 

टाटानगर स्टेशन

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वाइसराय लार्ड चेम्सफोर्ड जिस कालीमाटी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे बाद में उसका नाम टाटानगर रेलवे स्टेशन पड़ा. जमशेदपुर शहर में अलग- अलग प्रांत के लोग निवास करते हैं और सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रमों को लेकर शहर की अलग पहचान है. कई मौके पर कहा - सुना भी जाता है कि इस शहर से प्यार कीजिए एेसा शहर कहीं नहीं है. जमशेदपुर शहर को क्लीन और ग्रीन सिटी के तौर पर भी जाना जाता है. करीब 12 लाख आबादी वाला यह शहर स्टील कारखाने के चारों ओर बसा है. 

पूर्वी सिंहभूम

16 जनवरी 1990 को जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम) जिला बना. जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे रघुवर दास अभी झारखंड के मुख्यमंत्री हैं जबकि पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय सरकार में खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री हैं. 


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