हाईकोर्ट ने रांची सिविल सर्जन को फटकारा- ' कोई शर्म नहीं बची है, इस्तीफा देकर क्यों नहीं चले जाते'

हाईकोर्ट ने रांची सिविल सर्जन को फटकारा- ' कोई शर्म नहीं बची है, इस्तीफा देकर क्यों नहीं चले जाते'
Publicbol-File Photo
पीबी ब्यूरो ,   Apr 09, 2021

झारखंड हाईकोर्ट ने कोरोना जांच में कोताही को लेकर रांची के सिविल सार्जन को जमकर फटकार लगाई है. एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सिविल सार्जन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए गंभीर टिप्पणी की.

अदालत ने कहा कि रांची सिविल सर्जन की मानवीय संवेदना समाप्त हो गई है. उनमें अब कोई शर्म नहीं बची है. ऐसे अधिकारियों को जब काम नहीं करना है तो वे अपना इस्तीफा देकर घर क्यों नहीं चले जाते हैं.

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने कोरोना जांच के लेकर  सैंपल की स्थिति के बारे में भी सिविल सार्जन से जानकारी मांगी.

जवाब सुनकर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि जब जांच नहीं करनी है, तो सैंपल क्यों सड़ा रहे हैं. 

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कोरोना जांच में देरी पर नाराजगी जताई. अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट कर्मियों की कोरोना जांच का सैंपल 5 दिन पहले लिया गया था, लेकिन जांच अब तक क्यों नहीं की गई. 

इसे भी पढ़ें: हेमंत ने खोला मधुपुर में मोर्चा, बीजेपी के माथे पर बल, टूटने लगे समीकरण, दरकने लगे वोट बैंक

जांच में क्यों विलंब हो रहा है. कोरोना महामारी युद्ध जैसी स्थिति है. मंत्री हों या कोई और. अभी कोई आराम नहीं कर सकता.

जब सिविल सर्जन को जोड़ा गया

इसससे पहले अदालत ने स्वास्थ्य सचिव और रिम्स के निदेशक से कहा कि रिम्स में आवश्यक मशीनों की खरीदारी के लिए रिम्स गवर्निंग बॉडी की जल्द बैठक बुलाई जाए और निर्णय लेकर जल्द से जल्द मशीनों की खरीदारी की जाए.

सुनवाई के दौरान रिम्स निदेशक ने अदालत को बताया कि रिम्स में आवश्यक मशीनों की खरीदारी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है.

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि प्रस्ताव पर अनुंशसा के साथ वित्त विभाग भेज दिया गया है, जहां से सहमति मिलने के बाद इसे कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा.

इसके बाद अदालत ने रांची सिविल सर्जन को ऑनलाइन जुड़कर रोजाना होने वाली कोरोना जांच की जानकारी देने को कहा. सिविल सर्जन ने आंकड़े बताने के लिए वक्त की मांग की. तब एक घंटे तक सुनवाई स्थगित कर दी गई.

अदालत ने एक घंटे बाद फिर से मामले की सुनवाई की. इस दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि पांच से आठ अप्रैल तक के लिए गए सैंपल और जांच के बारे में जानकारी दी. 

कोर्ट ने आमने- सामने कर दिया

सिविल सर्जन ने अदालत को बताया कि रिम्स ने कोरोना जांच का सैंपल लेने से मना कर दिया है. 

इस पर अदालत ने रिम्स के माइक्रोबायोलाजी विभाग के अधिकारी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया. 

माइक्रोबायलाजी के अधिकारी ने बताया कि रिम्स ने कभी भी सैंपल लेने से मना नहीं किया है. बल्कि हमलोग तो सैंपल मांग रहे हैं. भले ही उसके यहां पांच हजार सैंपल जांच के लिए लंबित है.

इसे भी पढ़ें: हेमंत सोरेन ने रिम्स के लिए किया रक्तदान, कहा, मानव जीवन की रक्षा के लिए जरूरी

देख लें हालात कितने खराब हैं

रिम्स के अधिकारी ने बताया कि तीन RT-PCR मशीन से रोजाना 1200 से ज्यादा लोगों का सैंपल लिया जाता है.

अदालत ने क्रॉस किया और पूछा कि कितनी मशीनें लंबित जांच को पूरा करने के लिए चाहिए.

इस पर रिम्स की ओर से बताया गया कि दो RT-PCR मशीन और मैन पावर की जरूरत है, ताकि लंबित सैंपल की जांच की जा सकेय

खंडपीठ ने स्वास्थ्य सचिव और रिम्स निदेशक से कहा कि आप स्वयं देख लें कि हालात कितने खराब हैं.

अगर कोर्ट नहीं पूछता तो पता भी नहीं चलता कि क्या हो रहा है. जब जांच ही नहीं करनी है तो सैंपल क्यों लिया जाता है. इतने दिनों में तो सैंपल सड़ गए होंगे.

अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि सैंपल बचाकर क्या कर रहे हैं, उसे सड़ा रहे हैं. जांच रिपोर्ट आने तक तो लोग मर जाएंगे और कितनों लोगों को संक्रमित भी कर देंगे.

अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट से जुड़े लोगों का पांच अप्रैल को सैंपल लिया गया है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई है. जब कोर्ट के लोगों को साथ ऐसा किया जा रहा है तो आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार होता होगा. इससे भली भांति समझा जा सकता है.

इसके बाद कोर्ट ने महाधिवक्ता को बुलाकर सारी स्थिति से अवगत कराया.

महाधिवक्ता ने स्वास्थ्य सचिव, रिम्स निदेशक सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति से कोर्ट को अवगत कराने का आश्वासन दिया.

इस दौरान अदालत ने सिविल सर्जन और रिम्स के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग के अधिकारी की ओर से कोर्ट में दिए गए बयान को शपथ पत्र के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया.


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

निर्वाचन आयोग ने खुद को कलंकित किया, इसे भंग किया जाए, इसके सदस्यों की जांच हो: आनंद शर्मा
निर्वाचन आयोग ने खुद को कलंकित किया, इसे भंग किया जाए, इसके सदस्यों की जांच हो: आनंद शर्मा
ममता बनर्जी 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ, लगातार तीसरा मौका
ममता बनर्जी 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ, लगातार तीसरा मौका
हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने का कोई लाभ नहीं- डॉ. रणदीप गुलेरिया
हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने का कोई लाभ नहीं- डॉ. रणदीप गुलेरिया
शराब नहीं मिलने पर सैनिटाइजर पीने से दो की मौत, दो अन्य बीमार
शराब नहीं मिलने पर सैनिटाइजर पीने से दो की मौत, दो अन्य बीमार
अस्पतालों में बेड का इंतजार करना अधिक मौत की वजह हो सकती है-रणदीप गुलेरिया
अस्पतालों में बेड का इंतजार करना अधिक मौत की वजह हो सकती है-रणदीप गुलेरिया
गुजरात के भरूच में एक अस्पताल में आग लगने से 14 कोरोना मरीज समेत 16 की मौत
गुजरात के भरूच में एक अस्पताल में आग लगने से 14 कोरोना मरीज समेत 16 की मौत
भाजपा पश्चिम बंगाल में आराम से और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगीः भूपेंद्र यादव
भाजपा पश्चिम बंगाल में आराम से और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगीः भूपेंद्र यादव
वैक्सीन को लेकर हेमंत सरकार केंद्र पर दोष मत मढ़े,  राज्य के पास 6.44 लाख टीका उपलब्धः दीपक प्रकाश
वैक्सीन को लेकर हेमंत सरकार केंद्र पर दोष मत मढ़े, राज्य के पास 6.44 लाख टीका उपलब्धः दीपक प्रकाश
अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की पहली खेप भारत पहुंची, कहा- कोविड से मिलकर लड़ेंगे
अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की पहली खेप भारत पहुंची, कहा- कोविड से मिलकर लड़ेंगे
हेमंत सोरेन ने लगवाया कोरोना का टीका, बोले-अफवाहों पर ना दें ध्यान, वैक्सीन है जरूरी
हेमंत सोरेन ने लगवाया कोरोना का टीका, बोले-अफवाहों पर ना दें ध्यान, वैक्सीन है जरूरी

Stay Connected

Facebook Google twitter