हेमंत दुमका से लौटे अब बाबूलाल के पहुंचने की तैयारी, उपचुनाव में लड़ाई होगी भारी

हेमंत दुमका से लौटे अब बाबूलाल के पहुंचने की तैयारी, उपचुनाव में लड़ाई होगी भारी
Publicbol File Photo
पीबी ब्यूरो ,   Sep 17, 2020

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका दौरे पूरे कर बुधवार की शाम रांची लौटे हैं. अब बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी दुमका जाने की तैयारी में हैं. दुमका में उपचुनाव होना है. 

बाबूलाल मरांडी सीधे तौर पर उपचुनाव को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और लोगों की नब्ज टटोलने जा रहे हैं. 25 से 29 सितंबर तक उनका कार्यक्रम निर्धारित किया गया है. 

इससे पहले बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह दुमका विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद शर्मा ने मंगलवार को दुमका में बैठक कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की. इस बैठक में परितोष सोरेन, पूर्व मंत्री लुईस मरांडी एवं जिला अध्यक्ष निवास मंडल भी शामिल थे. 

विनोद शर्मा बताते हैं कि 26 सितंबर को बाबूलाल मरांडी मसलिया के पंचायतों में, 27 को दुमका सदर ग्रामीण के इलाकों में बैठक करेंगे. 

इसी तरह 28 को मसलिया पश्चिमी बसमता मंडल के विभिन्न पंचायत और 29 सितंबर को दुमका ग्रामीण गांदो मंडल के अलावा शहरी क्षेत्र में अलग-अलग बैठकों को संबोधित करेंगे.

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बाबूलाल मरांडी का यह कार्यक्रम आगामी उपचुनाव को ध्यान में रखकर केंद्रित है चार दिवसीय इस दौरे में बाबूलाल जी कुल 26 स्थानों पर कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों से मिलेंगे.

डॉ लुईस मरांडी का कहना है, बाबूलाल मरांडी  के दौरे से उपचुनाव की तैयारी में लगे कार्यकर्ताओ में ऊर्जा का संचार होगा. साथ ही दुमका के लोग उनके साथ अपनी भावना साझा कर सकेंगे. हमारा लक्ष्य सत्तारूढ़ दल को शिकस्त देना है. 

गौरतलब है कि झारखंड में दुमका और बेरमो में उपचुनाव होना है.

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के साथ इन दोनों सीटों पर उपचुनाव कराए जाने की पूरी संभावना है. 

वैसे भी दुमका की सीट खाली हुए छह महीने से अधिक हो गए हैं. कोरोना के संकट के बीच छह महीने में चुनाव नहीं कराया जा सका है. 

2019 के लोकसभा चुनाव में हेमंत सोरेन दुमका और बरहेट सीट से चुनाव जीते थे. बाद में उन्होने दुमका की सीट छोड़ दी. उन्होंने रघुवर दास की सरकार में मंत्री रहीं बीजेपी की लुइस मरांडी को चुनाव हराया था. 

जाहिर है बीजेपी उपचुनाव में हार का बदलना लेना चाहेगी. जबकि हेमंत सोरेन अपना जलवा दिखाना चाहेंगे. और जब बसंत सोरेन मैदान में होंगे, तो वैसे भी लड़ाई प्रतिष्ठा की होगी. 

वैसे भी 2019 के लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन की हार जेएमएम को खटकता रहा है, तो विधानसभा चुनाव में लुइस की हेमत से हुई हार बीजेपी को चुभती रही है. 

लुइस मरांडी उपचुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी हैं. हालांकि पार्टी ने अभी उम्मीदवारी को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं.

हेमंत सोरेन के इस सीट छोड़ने के बाद ही लुइस अपनी गलतियों को सुधारने में जुट गई थीं. साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ वोटरों के संपर्क में बनी हैं. 

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चर्चा इसकी भी है कि पार्टी बाबूलाल मरांडी पर भी दांव खेल सकती है. पर पार्टी में अभी इस मुतल्लिक कोई बैठक नहीं हुई है और न ही सहमति बनी है. बाते यह भी सतह पर है कि मरांडी चुनाव लड़ना नहीं लड़ाना चाहते हैं. और जेएमएम को हराना चाहते हैं. 

बीजेपी में वापसी के बैद बाबूलाल के लिए कौशल रणनीतिक दिखाने का यह पहला मौका भी होगा. लिहाजा वे इसे छोड़ना नहीं चाहते. 

उधर हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन का दुमका उपचुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है. वे काफी दिनों से दुमका में ही कैंप कर रहे हैं. बसंत के खेवनहार हेमंत ही होंगे. सत्ता में आए हेमंत के नौ महीने हो गए हैं. लिहाजा सरकार के कामकाज का पैरामीटर भी इस चुनाव के जरिए नापा जा सकता है 

तीन दिववीय दौरे के दौरान हेमंत सोरेन ने सरकार की ओर से अलग- अलग जगहों पर जनता आपके द्वार कार्यक्रम किया और लाभुकों के बीच करोड़ों की परिसंपत्तियों का वितरण किया है.

रोजगार और नौकरियों को लेकर सरकार की कार्य योजनाओं की भी उन्होंने लोगों को जानकारी दी है. इसके साथ ही कई वादे- घोषणाएं की है. 

उपचुनाव से पहले हेमंत की इसी बिसात का काट निकालने बाबूलाल जा रहे हैं. दुमका बाबूलाल की भी कर्मभूमि रही है और शहरी, ग्रामीण इलाकों से वे वाकिफ हैं.

उपचुनाव में जेएमएम के दांव- पेच क्या हो सकते हैं ये बाबूलाल अच्छी तरह समझ सकते हैं. लिहाजा बाबूलाल के दौरे पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं की नजर लगी है. 


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