झारखंड विधानसभा चुनाव का पांचवां चरण, जानें पांच अहम बातें

झारखंड विधानसभा चुनाव का पांचवां चरण, जानें पांच अहम बातें
पीबी ब्यूरो ,   Dec 19, 2019

झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर आखिरी और पांचवें चरण में 20 दिसंबर को 16 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. ये सभी सीटें संतालपरगना में है. 16 में सात सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं.

इसी चरण में हेमंत सोरेन, प्रदीप यादव, नलिन सोरेन, स्टीफन मरांडी, लोबिन हेंब्रम, चुन्ना सिंह सरीखे दिग्गज और सरकार के दो मंत्री रणधीर सिंह तथा लुइस मरांडी के भाग्य का फैसला होना है. हेमंत सोरेन बरहेट और दुमका से लड़ रहे हैं और इन दोनों जगहों पर बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचार कर चुके हैं. 

संताल परगना के चुनाव में कई सीटों पर जेएमएम का सालों से कब्जा रहा है. इस बार जेएमएम, कांग्रेस और राजद का गठबंधन है. लिहाजा कई सीटों पर बीजेपी की परेशानी बढ़ी हुई दिखती है. संताल परगना में जेएमएम के किला में सेंध लगाने के लिए बीजेपी के दर्जन भर दिग्गजों ने प्रचार किया है. जबकि हेमंत सोरेन गठबंधन में अकेले स्टार प्रचारक के तौर पर उभरे हैं. 

जबकि जेएमएम से निकलकर कई नेताओं के चुनाव लड़ने से गठबंधन को खतरा हो गया है. 40 लाख पांच हजार 287 मतदाता कुल 236 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे.

जिन 16 सीटों पर चुनाव है उनमें 11 पर सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा. ये सीटें हैं- राजमहल, पाकुड़, नाला, जामताड़ा, दुमका, जामा, जरमुंडी, सारठ, पोड़ैयाहाट, गोड्डा, महागामा.

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जबकि बोरियो, बरहेट, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर और शिकारीपाड़ा में सुबह सात बजे से दिन के तीन बजे तक मतदान होगा.

 पांचवें चरण के चुनाव से जुड़ी कुछ और अहम बातें-

1- जेएमएम को अपने कब्जे की छह सीटें- बरहेट, नाला, जामा, शिकारीपाड़ा, लिट्टीपाड़ा, महेशपुर बचाने की चुनौती है. बीजेपी को अपने कब्जे की दुमका, राजमहल, गोड्डा, महागामा, बोरियो बचाने की चुनौती है. जेवीएम को सारठ, पोड़ैयाहाट बचाना है. कांग्रेस के लिए भी आखिरी चरण का चुनाव बेहद अहम है. पाकुड़ से आलमगीर आलम लड़ रहे हैं. आलमगीर का मुकाबला आजसू के अकील अख्तर बीजेपी के बेनी प्रसाद गुप्ता से है. अकील जेएमएम के टिकट से 2009 में यहां चुनाव जीते थे. जामताड़ा में कांग्रेस के इरफान अंसारी और जरमुंडी में बादल पत्रलेख सीट बचाने की लड़ाई में फंसे हैं. जामताड़ा में बीजेपी के वीरेंद्र मंडल और आजसू की चमेली देवी उन्हें टक्कर दे रही हैं. जरमुंडी में बादल पत्रलेख की लड़ाई बीजेपी के देवेंद्र कुअंर और जेवीएम के डॉ संजय से है. 

2-झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और विपक्ष में मुख्यमंत्री का चेहरा हेमंत सोरेन दो सीटों- दुमका और बरहेट से चुनाव लड़ रहे हैं. दुमका में उनका मुकाबला सरकार की मंत्री लुइस मरांडी से है. लुइस मरांडी ने 2014 में हेमंत सोरेन को दुमका में चुनाव हराया था. जबकि हेमंत सोरेन ने बरहेट में बीजेपी के हेमलाल मुर्मू को चुनाव हराया था. इस बार बरहेट में हेमंत सोरेन को बीजेपी के सिमोन मालतो, जेवीएम के होपना टुडू तथा आजसू के गमालियल हेंब्रम घेराबंदी करने में जुटे हैं. लेकिन सीधी लड़ाई बीजेपी से ही होने की तस्वीर उभर रही है. 

2-सारठ में बीजेपी के उम्मीदवार और सरकार के मंत्री रणधीर सिंह इस बार कड़े मुकाबले में फंस गए हैं. 2014 के चुनाव में रणधीर सिंह जेवीएम से चुनाव जीते थे. इस बार जेवीएम के उदयसंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह और जेएमएम के परिमल सिंह ने रणधीर की घेराबंदी कर रखी है. पोड़ैयाहाट में जेवीएम के प्रदीप यादव पर सबकी निगाहे टिकी हैं. वे तीन बार लगातार इस सीट से चुनाव जीते हैं. इस बार उनका मुकाबला बेजेपी के गजाधर सिंह, जेएमएम को अशोक चौधरी से है. इसी तरह महेशपुर में लड़ाई दिलचस्प बनी है. जेएमएम के दिग्गज स्टीफन मरांडी को जेवीएम के मिस्त्री सोरेन, आजसू के सुफल मरांडी और जेवीएम के शिवधन बेसरा टक्कर दे रहे हैं. 

4- गोड्डा में बीजेपी के अमित मंडल और राजद के संजय यादव के बीच आमने- सामने की लड़ाई होती दिख रही है. संजय यादव इस सीट से दो बार चुनाव जीते हैं. अभी यह सीट बीजेपी के कब्जे में है. इसी तरह महागामा में बीजेपी के अशोक भगत को कांग्रेस की दीपिका सिंह पांडेय और जेवीएम के संजीव मिश्रा से टकराना पड़ रहा है. एआइएमआइएम के अशोक सिंह भी कोण बनाने में जुटे हैं. उधर नाला में जेएमएम के रवींद्र नाथ महतो की टक्कर बीजेपी के सत्यानंद झा भोक्ता से है. इस सीट पर बीजेपी से बगावत कर माधवचंद्र महतो आजसू से और प्रवीण प्रभाकर भी अलग लड़ रहे हैं. 

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5- शिकारीपाड़ा सीट पर लगातार पांच बार चुनाव जीते जेएमएम के नलिन सोरेन का मुकाबला बीजेपी के परितोष सोरेन और जदयू के सालखन सोरेन से है. सालक सोरेन जदयू के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. उधर लिट्टीपाड़ा में जेएमएम के दिनेश मरांडी की टक्कर बीजेपी के दानियल किस्कु और जेवीएम के रसका हेंब्रम से है. लिट्टीपाड़ा सीट पर दिनेश मरांडी के पिता साइमन मरांडी और मां सुशीला हांसदा आठ बार चुनाव जीत चुके हैं. इसी तरह जामा में सीता सोरेन का मुकाबला बीजेपी के सुरेश मुर्मू और जेवीएम के अर्जुन मरांडी से है. जामा को भी जेएमएम का गढ़ माना जाता है. राजमहल में भी मुकाबला बेहद संघर्ष का है. बीजेपी के अनंत ओझा को सीट बचाने की चुनौती है. यहां जेएमएम ने केताबुद्दीन शेख को उतारा है. और आजसू से मो ताजुद्दीन लड़ रहे हैं. ताजुद्दीन पिछले चुनाव में जेएमएम के उम्मीदवार थे. और लगभग सात सौ वोटों से ही हारे थे. बोरियो में जेएमएम के लोबिन हेंब्रम बीजेपी के सूर्यनारायण हांसदा और आजसू के ताला मरांडी के बीच झकझूमर है. 


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