कठिन दौर से गुजर रही है पत्रकारिता और नए खतरे के तौर पर सामने आई हैं फर्जी खबरें : राष्ट्रपति

कठिन दौर से गुजर रही है पत्रकारिता और नए खतरे के तौर पर सामने आई हैं फर्जी खबरें : राष्ट्रपति
Twitter- President Of India
पीबी ब्यूरो ,   Jan 21, 2020

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि पत्रकारिता एक ‘‘कठिन दौर’’ से गुजर रही है. उन्होंने कहा कि फर्जी खबरें नये खतरे के रूप में सामने आई हैं, जिसका प्रसार करने वाले खुद को पत्रकार के रूप में पेश करते हैं और इस महान पेशे को कलंकित करते हैं.

कोविंद ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को उजागर करने वाली खबरों की अनदेखी की जाती है और उनका स्थान तुच्छ बातों ने ले लिया है.

उन्होंने कहा, ‘‘वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने में मदद के बजाय कुछ पत्रकार रेटिंग पाने और ध्यान खींचने के लिए अतार्किक तरीके से काम करते हैं.’’ ‘रामनाथ गोयनका एक्सलेंस इन जर्नलिज्म’ पुरस्कार समारोह को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘ब्रेकिंग न्यूज सिंड्रोम’’ के शोरशराबे में संयम और जिम्मेदारी के मूलभूत सिद्धांत की अनदेखी की जा रही है.

कोविंद ने कहा कि पुराने लोग ‘फाइव डब्ल्यू एंड एच’ (व्हाट (क्या), व्हेन (कब), व्हाई (क्यों), व्हेयर(कहां), हू (कौन) और हाउ (कैसे) के मूलभूत सिद्धांतों को याद रखते थे, जिनका जवाब देना किसी सूचना के खबर की परिभाषा में आने के लिये अनिवार्य था.

उन्होंने कहा, ‘‘फर्जी खबरें नए खतरे के रूप में उभरी हैं, जिनका प्रसार करने वाले खुद को पत्रकार के तौर पर पेश करते हैं और इस महान पेशे को कलंकित करते हैं.’’

इसे भी पढ़ें: बंधु तिर्की को पार्टी से निकालने की इतनी जल्दीबाजी क्यों थीः प्रदीप यादव

राष्ट्रपति ने कहा कि पत्रकारों को अपने कर्तव्य के निर्वहन के दौरान कई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इन दिनों वे अक्सर जांचकर्ता, अभियोजक और न्यायाधीश की भूमिका निभाने लगते हैं.’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि पत्रकारिता एक कठिन दौर से गुजर रही है.’’

कोविंद ने कहा कि सच तक पहुंचने के लिए एक समय में कई भूमिका निभाने की खातिर पत्रकारों को काफी आंतरिक शक्ति और अविश्वसनीय जुनून की आवश्यकता होती है.

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी बहुमुखी प्रतिभा प्रशंसनीय है। लेकिन वह मुझे यह पूछने के लिए प्रेरित करता है कि क्या इस तरह की व्यापक शक्ति के इस्तेमाल के साथ वास्तविक जवाबदेही होती है?’’

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे जैसा लोकतंत्र, तथ्यों के उजागर होने और उन पर बहस करने की इच्छा पर निर्भर करता है.

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र तभी सार्थक है, जब नागरिक अच्छी तरह से जानकार हो.’’

(भाषा से इनपुट) 


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

जेडीयू के दफ्तर में सीएम नीतीश से मिले गुप्तेश्वर पांडेय, 'सुशासन' की तारीफ की
जेडीयू के दफ्तर में सीएम नीतीश से मिले गुप्तेश्वर पांडेय, 'सुशासन' की तारीफ की
 मनमोहन सिंह की तरह गहराई वाले प्रधानमंत्री की कमी महसूस कर रहा है भारत: राहुल
मनमोहन सिंह की तरह गहराई वाले प्रधानमंत्री की कमी महसूस कर रहा है भारत: राहुल
गायक एस पी बालासुब्रमण्यम का निधन, मखमली आवाज से प्रशंसकों के दिलों पर दशकों तक राज किए
गायक एस पी बालासुब्रमण्यम का निधन, मखमली आवाज से प्रशंसकों के दिलों पर दशकों तक राज किए
बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजाः 28 अक्तूबर से तीन चरणों में मतदान, 10 नवंबर को नतीजे
बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बजाः 28 अक्तूबर से तीन चरणों में मतदान, 10 नवंबर को नतीजे
कृषि बिल के विरोध में किसानों का हल्ला बोल, समर्थन में तेजस्वी यादव ट्रैक्टर लेकर उतरे सड़क पर
कृषि बिल के विरोध में किसानों का हल्ला बोल, समर्थन में तेजस्वी यादव ट्रैक्टर लेकर उतरे सड़क पर
पीएम मोदी ने फिटनेस को लेकर कोहली से यो यो टेस्ट के बारे में पूछा, विरोट बोले, बेहद अहम है यह
पीएम मोदी ने फिटनेस को लेकर कोहली से यो यो टेस्ट के बारे में पूछा, विरोट बोले, बेहद अहम है यह
रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना वायरस से निधन, एम्स में ली अंतिम सांस
रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना वायरस से निधन, एम्स में ली अंतिम सांस
पलामू: टीपीसी का जोनल‌ कमांडर गिरेंद्र गंझू गिरफ्तार
पलामू: टीपीसी का जोनल‌ कमांडर गिरेंद्र गंझू गिरफ्तार
टाइम की सूचीः नरेंद्र मोदी दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों में, पर तल्ख टिप्पणी भी
टाइम की सूचीः नरेंद्र मोदी दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों में, पर तल्ख टिप्पणी भी
देश में कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 90 हजार पार, अभी करीब 10 लाख लोगों का इलाज जारी
देश में कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 90 हजार पार, अभी करीब 10 लाख लोगों का इलाज जारी

Stay Connected

Facebook Google twitter