सिमडेगा के सुदूर गांव में एक आदिवासी ने बनाई दुर्गा की मूर्ति, पाहन करा रहे पूजा

सिमडेगा के सुदूर गांव में एक आदिवासी ने बनाई दुर्गा की मूर्ति, पाहन करा रहे पूजा
Photo- Ankit Sinha (सबसे दाहिने पूना तिर्की, जिन्होंने खुद मूर्ति बनाई)
पीबी ब्यूरो ,   Oct 06, 2019

पूरे झारखंड में नवरात्रि और दुर्गोत्सव की धूम है. शहरों और कस्बों में आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं. दुर्गा की भव्य मूर्तियां बेहद सुदंर ढंग से सजाई गई हैं. आकर्षक विद्युत सज्जा के बीच भक्तों का रेला लगा है. इन सबके बीच सिमडेगा के एक सुदूर आदिवासी गांव बाघचट्टा सलया टोली में  दुर्गा पूजा की खुशियां बिल्कुल अलग अंदाज में छाई हुई हैं. गांव के ही एक व्यक्ति पूना तिर्की ने दुर्गा की मूर्ति बनाई है. पाहन पूरन मांझी पुजारी बने हैं. और गांव के बाकी लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं. 

प्रसाद के रूप में नारियल और इलायंची दाना बांटे जा रहे हैं. पूरे आयोजन में दस हजार रुपए खर्च किए जा रहे हैं. गांव के लोगों ने चंदा जुटाया है. पाहन अपने तरीके से विधि विधान पूरा करा रहे हैं.  

विजयदशमी के दिन दोपहर में झूमर का आयोजन कर पारंपरिक संस्कृति का भी प्रदर्शन किया जाएगा. इसक तैयारियां अलग चल रही है. इससे पहले गांव के लोगों ने पंचायत के मुखिया एलिजाबेथ बागे को उत्सव का उदघाटन करने के लिए बुलाया. मुखिया भी यह जानकर खुश हुईं कि गांव के लोगों ने सामूहिक फैसले से इसकी शुरुआत की है. 

पूना तिर्की बताते हैं कि उन्हें खुद से मूर्ति बनाने की इच्छा हुई. इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी. गांव वाले इस बात पर सहमत हुए और कहा कि जो भी सहयोग बन पड़ेगा वह करेंगे. साथ ही सामूहिक तौर पर यह उत्सव मनाएंगे. इसके बाद पूना तिर्की ने मूर्ति निर्माण का काम शुरू किया. इससे पहले कभी बनाई नहीं है, लेकिन तस्वीर देखकर काम में हाथ डाला. और वह दिन भी आया जब मूर्ति तैयार हो गई. 

आदिवासियों का यह गांव सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखण्ड में पहाड़ की तराई में बसा है. इस गांव में सभी आदिवासी परिवार हैं. गांव के बीचोबीच चट्टान के ऊपर मूर्ति स्थापित की गई है. साथ ही बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक लगाया गया है. सजावट के लिए साड़ियों का इस्तेमाल किया गया है. 

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ग्राम प्राधान बोधन बेसरा की अगुवाई में अजित मांझी, धनदेव मांझी, सुबोध तिर्की, सुरेंद्र बेसरा, मनोज मांझी, पीताम्बर मांझी, पीताम्बर बेसरा, प्रीतम बेसरा, नारायण बेसरा, सोमरा तिर्की, प्रकाश तिर्की देखरेख में जुटे हैं. मूर्ति स्थापित किए जाने के बाद गांव में शराबबंदी की मुनादी की गई है. गांव के लोग कहते हैं कि दुर्गा की शक्ति के प्रति हमलोगों की यह आस्था है. 

पूर्व मुखिया मतीयस बागे समेत कई सामाजिक लोग गांव पहुंच रहे हैं. पूना तिर्की और आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों को की लोगों ने सहयोग राशि भी प्रदान किया है. 


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