रंग बिरंगी हेडलाइनों या पीआर से देश की अर्थव्यवस्था नहीं चलती : मनमोहन सिंह

 रंग बिरंगी हेडलाइनों या पीआर से देश की अर्थव्यवस्था नहीं चलती : मनमोहन सिंह
Facebook
पीबी ब्यूरो ,   Nov 18, 2019

पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ मनमोहन सिंह ने देश की अर्था व्यवस्था की हालत पर नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था बुरे हाल में है.

द हिंदूमें छपे एक लेख में उन्होंने लिखा है, ‘आप इसे मनमाने तरीके से नहीं हांक सकते, न ही आप इसे रंग-बिरंगी हेडलाइनों या शोर भरे मीडिया विश्लेषणों से चला सकते हैं. इसके सहभागियों को सामाजिक और आर्थिक प्रोत्साहन चाहिए होते हैं. फरमानों, जोर-जबर्दस्ती और जनसंपर्क से बात नहीं बनती.’

उनके मुताबिक वे यह बात विपक्षी पार्टी के सदस्य के तौर पर नहीं बल्कि एक आम नागरिक और अर्थशास्त्र के एक विद्यार्थी के तौर पर कह रहे हैं. मनमोहन सिंह ने कहा है कि आज डर और अविश्वास का माहौल है और इसकी वजह है मोदी सरकार की गलत नीतियां. मनमोहन सिंह के मुताबिक भारत आज एक अरब 20 करोड़ लोगों वाली और तीन खरब डॉलर की वैश्विक अर्थव्यवस्था है जिसमें निजी कंपनियों की बड़ी भूमिका है.

मनमोहन सिंह ने लिखा है, ‘पिछले 15 साल में अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे निचले स्तर पर है. बेरोजगारी 45 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर है. लोगों की खर्च करने की क्षमता 40 सालों में सबसे निचले स्तर पर आ गई है.’ पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक बैंकों के एनपीए से लेकर बिजली उत्पादन की वृद्धि दर तक हर मोर्चे से जुड़ा आंकड़ा चिंताजनक है. मनमोहन सिंह ने लिखा है, ‘लेकिन परेशान करने वाली बात केवल ये आंकड़े नहीं हैं. अब तो इन आंकड़ों के प्रकाशन पर भी पहरा है.’

पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक कोई भी अर्थव्यवस्था लोगों और संस्थाओं की भागीदारी से चलती है. वे लिखते हैं, ‘आपसी भरोसा और आत्मविश्वास आर्थिक वृद्धि के लिए बुनियादी तत्व है. लेकिन आज के समय में सामाजिक भरोसे की बुनावट और भरोसे को संदिग्ध बना दिया गया है.’ 

इसे भी पढ़ें: 'फूंक दी रणभेरी, सुदेश पर एतबार, बनाएंगे गांव की सरकार'

मनमोहन सिंह ने आगे लिखा है, ‘आज लोगों में डर का माहौल है. कई कारोबारी मुझसे कहते हैं कि वे सरकारी मशीनरी की प्रताड़ना के डर में रह रहे हैं.’ पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक इस सरकार में नीति निर्माता और संस्थान सच बोलने से डर रहे हैं और अविश्वास के इस माहौल में अर्थव्यवस्था प्रगति नहीं कर सकती.

मनमोहन सिंह ने दावा किया कि मीडिया, न्यायपालिका, नियमन संस्थानों और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता पर बुरी तरह से चोट की गई है. उनके मुताबिक ऐसा लग रहा है कि मोदी सरकार हर चीज और हर किसी को शक की नजर से देख रही है. पूर्व प्रधानमंत्री लिखते हैं कि ऐसा इसलिए है कि उसे लगता है कि पूर्ववर्ती सरकार की नीतियां गलत इरादे से बनी थीं.


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

रांची में राष्ट्रपति ने कहा, बेटियों की सफलता काबिले तारीफ, शिक्षा का उद्देश्य हो अच्छा इंसान बनाना
रांची में राष्ट्रपति ने कहा, बेटियों की सफलता काबिले तारीफ, शिक्षा का उद्देश्य हो अच्छा इंसान बनाना
दिल्ली हिंसाः चौकसी जारी, जाफराबाद में हालात सुधर रहे, एसएन श्रीवास्तव बने नए पुलिस कमिश्नर
दिल्ली हिंसाः चौकसी जारी, जाफराबाद में हालात सुधर रहे, एसएन श्रीवास्तव बने नए पुलिस कमिश्नर
दिल्ली हिंसाः कांग्रेस ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, कहा, सरकार नाकाम रही, निर्णायक कदम उठाएं
दिल्ली हिंसाः कांग्रेस ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, कहा, सरकार नाकाम रही, निर्णायक कदम उठाएं
दिल्ली हिंसाः मरने वालों की संख्या 32 तक पहुंची, अमरीका और रूस ने जारी की एडवायजरी
दिल्ली हिंसाः मरने वालों की संख्या 32 तक पहुंची, अमरीका और रूस ने जारी की एडवायजरी
पिछली सरकार ने झारखंड को लूट का चारागाह बनाया, सब जांच कराएंगेः मंत्री बन्ना गुप्ता
पिछली सरकार ने झारखंड को लूट का चारागाह बनाया, सब जांच कराएंगेः मंत्री बन्ना गुप्ता
कांग्रेस के हाथ खून से सने हैं, सोनिया गांधी का गृह मंत्री से इस्तीफा मांगना हास्यास्पद: बीजेपी
कांग्रेस के हाथ खून से सने हैं, सोनिया गांधी का गृह मंत्री से इस्तीफा मांगना हास्यास्पद: बीजेपी
पीएम मोदी ने दिल्ली में शांति की अपील की, सोनिया ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा
पीएम मोदी ने दिल्ली में शांति की अपील की, सोनिया ने अमित शाह से मांगा इस्तीफा
राज्य सभा चुनाव एक मौका होगा, जब झारखंड में बीजेपी-आजसू नए सिरे से करीब आ सकती है
राज्य सभा चुनाव एक मौका होगा, जब झारखंड में बीजेपी-आजसू नए सिरे से करीब आ सकती है
सिल्ली की बेटी बबीता चमकी 'खेलो इंडिया' में, तीरंदाजी में कांस्य पदक
सिल्ली की बेटी बबीता चमकी 'खेलो इंडिया' में, तीरंदाजी में कांस्य पदक
दिल्ली हिंसाः मरने वालों की संख्या 20 हुई, एनएसए ने संभाली कमान
दिल्ली हिंसाः मरने वालों की संख्या 20 हुई, एनएसए ने संभाली कमान

Stay Connected

Facebook Google twitter