नीति में कई अहम बदलावः अब छुट्टी से पहले कोरोना के सिर्फ गंभीर मरीजों की ही जांच होगी

नीति में कई अहम बदलावः अब छुट्टी से पहले कोरोना के सिर्फ गंभीर मरीजों की ही जांच होगी
Publicbol (File Photo)
पीबी ब्यूरो ,   May 09, 2020

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 मामलों के लिए अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की नीति में बदलाव किया है. अब कोरोना वायरस संक्रमण के केवल गंभीर मरीजों की ही अस्पताल से छुट्टी दिए जाने से पहले जांच की जाएगी. 

नए बदलावों के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों में गंभीर बीमारी विकसित होती है या रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है तो ऐसे मरीजों को अस्पताल द्वारा छुट्टी देने से पहले आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी.

कोविड-19 के हल्के और बहुत हल्के मामलों में लक्षणों के समाप्त होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दिए जाने से पहले जांच कराये जाने की जरूरत नहीं होगी.

अब तक के नियमों के अनुसार, किसी मरीज को तब छुट्टी दी जाती थी जब 14 दिन पर उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आती थी और इसके बाद फिर 24 घंटे के अंतराल में रिपोर्ट निगेटिव आती थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड-19 से मृतकों की संख्या 1,981 हो गई है और शनिवार को इसके मामलों की संख्या 59 हजार 662 पहुंच गई है. 

इसे भी पढ़ें: धनबाद फिर कोरोना के घेरे में, 2 मरीज मिले, रांची और पलामू में 26 लोग ठीक हुए

पिछले 24 घंटे में 95 और लोगों की मौत हुई और इस वायरस के 3 हजार 320 नये मामले सामने आये है।

संशोधित नीति में कहा गया है कि यदि मरीज का बुखार तीन दिन में ठीक हो जाता है और अगले चार दिन मरीज (ऑक्सीजन की मदद के बिना) ‘सैचुरेशन’ 95 प्रतिशत से अधिक बनाये रखता है तो इस तरह के मरीज को 10 दिन में अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘अस्पताल से छुट्टी से पहले जांच की आवश्यकता नहीं होगी.’’

छुट्टी दिए जाने के समय मरीज को दिशा-निर्देशों के अनुसार सात दिन घर में पृथक रहने को कहा जाएगा.

कोविड-19 के हल्के लक्षणों वाले मरीजों को कोविड देखभाल केंद्र में भर्ती किया जाएगा जहां उनके तापमान की नियमित जांच की जाएगी.

संशोधित नीति में कहा गया है, ‘‘लक्षण शुरू होने के 10 दिन बाद और तीन दिन तक बुखार नहीं होने के बाद रोगी को छुट्टी दी जा सकती है. छुट्टी दिए जाने से पहले मरीज को जांच की जरूरत नहीं होगी।’’

केन्द्र से छुट्टी दिये जाने के बाद यदि मरीज में फिर से बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत संबंधी लक्षण सामने सामने आते है तो वे कोविड देखभाल केन्द्र या राज्य हेल्पलाइन या 1075 पर संपर्क कर सकते हैं.

(भाषा से इनपुट) 


(आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

लोकप्रिय

कोरोना तेरे कारणः 124 वर्षों में पहली बार रद्द की गई बोस्टन मैराथन
कोरोना तेरे कारणः 124 वर्षों में पहली बार रद्द की गई बोस्टन मैराथन
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दी मंदिर-मस्जिद खोलने की इजाजत
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दी मंदिर-मस्जिद खोलने की इजाजत
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन
चीन के साथ ताजा सीमा विवाद को लेकर नरेंद्र मोदी का मूड अच्छा नहीं है : डोनाल्ड ट्रंप
चीन के साथ ताजा सीमा विवाद को लेकर नरेंद्र मोदी का मूड अच्छा नहीं है : डोनाल्ड ट्रंप
लॉकडाउन के बाद गेंदबाजों के लिए लय हासिल करना मुश्किल होगा : ब्रेट ली
लॉकडाउन के बाद गेंदबाजों के लिए लय हासिल करना मुश्किल होगा : ब्रेट ली
रांचीः क्वारंटाइन में रहने के बाद गांधीनगर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स ने फिर संभाला मोर्चा
रांचीः क्वारंटाइन में रहने के बाद गांधीनगर अस्पताल के डॉक्टर, नर्स ने फिर संभाला मोर्चा
प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए और खाना भी मुहैया कराएं- सुप्रीम कोर्ट
प्रवासी मज़दूरों से किराया नहीं लिया जाए और खाना भी मुहैया कराएं- सुप्रीम कोर्ट
चाईबासाः मुठभेड़ में पीएलएफआई की एक महिला समेत तीन उग्रवादी मारे गए, एके 47 बरामद
चाईबासाः मुठभेड़ में पीएलएफआई की एक महिला समेत तीन उग्रवादी मारे गए, एके 47 बरामद
अब लॉकडाउन खत्म करना ही होगा, इसे बढ़ाने का मतलब नहींः किरण मजूमदार शॉ
अब लॉकडाउन खत्म करना ही होगा, इसे बढ़ाने का मतलब नहींः किरण मजूमदार शॉ
फीस माफी पर निजी स्कूल राजी नहीं, जगरनाथ बोले, 'शिक्षा मंत्री की बात भी आपने नहीं मानी'
फीस माफी पर निजी स्कूल राजी नहीं, जगरनाथ बोले, 'शिक्षा मंत्री की बात भी आपने नहीं मानी'

Stay Connected

Facebook Google twitter