बीजेपी पीडीपी से हाथ मिला सकती है तो शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस के साथ क्यों नहीं : संजय राउत

बीजेपी पीडीपी से हाथ मिला सकती है तो शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस के साथ क्यों नहीं : संजय राउत
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पीबी ब्यूरो ,   Nov 11, 2019

राज्यपाल से शिवसेना को सरकार गठन का न्योता मिलने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है. शिवसेना नेता संजय राउत ने संकेत दिए हैं कि अगली सरकार उनकी पार्टी, एनसीपी और कांग्रेस के मेल से बना सकती है.

पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियों को मतभेद भूलकर महाराष्ट्र के हित में एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के साथ आना चाहिए. एनडीए में अपनी सहयोगी भाजपा के बारे में उनका कहना था कि अगर पार्टी अपना वादा पूरा नहीं करना चाहती तो ऐसे गठबंधन में रहने का कोई मतलब नहीं.

शिवसेना का दावा है कि भाजपा के साथ उसकी 50:50 के फॉर्मूले पर सहमति हुई थी जिसके तहत मुख्यमंत्री पद ढाई साल के लिए उसे मिलना है. हालांकि भाजपा ऐसी किसी सहमति से इनकार कर चुकी है. 

संजय राउत ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर अपनी विरोधी रहीं एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने का बचाव भी किया है. उनका कहना था, ‘अगर भाजपा जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ हाथ मिला सकती है तो शिवसेना, कांग्रेस और कांग्रेस के साथ क्यों नहीं.’ इससे पहले एक ट्वीट में उनका कहना था, ‘अगर रास्ते की परवाह करूंगा तो मंजिल बुरा मान जाएगी.’

राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘ भाजपा का यह अहंकार कि वह विपक्ष में बैठ लेगी लेकिन मुख्यमंत्री पद साझा नहीं करेगी, के कारण ही मौजूदा स्थिति उत्पन्न हुई है... अगर भाजपा अपना वादा पूरा करने को तैयार नहीं है, तो गठबंधन में रहने का कोई मतलब नहीं है.’’

इसे भी पढ़ें: गठबंधन दरका, आजसू ने 12 उम्मीदवारों की सूची जारी की, सुदेश सिल्ली, मनोज चंद्रा सिमरिया से लड़ेंगे

राउत ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कम समय मिलने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि भाजपा को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 72 घंटे मिले, हमें 24 घंटे दिए गए.

राउत ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से राज्य के हित में साथ आने की अपील की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राकांपा को मतभेद भूल कर महाराष्ट्र के हित में एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के साथ आना चाहिए. राउत ने कहा, ‘‘ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस महाराष्ट्र के हित की रक्षा पर सहमत हैं.’’

इस बीच  केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफे का ऐलान किया है. ट्विटर पर इस्तीफे के फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना का पक्ष सच्चा है. हालांकि शिवसेना के मंत्री अरविंद सावंत ने अभी तक अधिकारिरक तौर पर इस्तीफा नहीं भेजा है.

खबरों के मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक खत्म हो गई है. अब शाम 4 बजे महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक में शिवसेना को समर्थन के सवाल पर चर्चा होगी. वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि सब कुछ कांग्रेस अध्यक्ष पर निर्भर है कि शिवसेना को समर्थन देना नहीं है या नहीं.

महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के पास राज्य में सरकार बनाने के लिए सोमवार को शाम साढ़े सात बजे तक का समय है. राज्य में 21 अक्टूबर को हुए चुनाव में भाजपा ने 105 सीटों जबकि शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

इसके अलावा एनसीपी ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की. अगर शिवसेना विपक्षी दलों के समर्थन से सरकार बनाने का फैसला करती है तो सदन में तीनों पार्टियों के विधायकों की कुल संख्या 154 होगी जो बहुमत के 145 के आंकड़े से अधिक है.


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