बंधु तिर्की को गठबंधन का इंतजार, जमानत नहीं मिली, तो जेल से ही लड़ेंगे चुनाव

बंधु तिर्की को गठबंधन का इंतजार, जमानत नहीं मिली, तो जेल से ही लड़ेंगे चुनाव
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पीबी ब्यूरो ,   Nov 06, 2019

झारखंड विकास मोर्चा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की को अब भी गठबंधन का इंतजार है. मंगलवार को कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में बंधु तिर्की ने कहा कि अंतिम समय तक कुछ भी हो सकता है. इसके साथ ही बंधु तिर्की को जमानत मिलने का इंतजार है. जमानत नहीं मिलने के स्थिति में वे जेल से ही चुनाव लड़ेंगे. 

अभी वे जेल में हैं. पिछले चार सितंबर को राष्ट्रीय खेल घोटाले से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व मंत्री बंधु तिर्की को गिरफ्तार किया था. आय सं अधिक संपत्ति मामले में भी वे आरोपी हैं.

मंगलवार को वे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए. इस मामले में अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी. 

बंधु तिर्की मांडर से दो बार चुनाव जीते हैं. 2014 में उन्हें बीजेपी की गंगोत्री कुजुर ने हराया था. झारखंड में विपक्षी गठबंधन और बीजेपी को शिकस्त देने की किसी भी मुहिम के वे शुरू से धुरी रहे हैं. लोकसभा चुनाव में बंधु तिर्की ने खूंटी, रांची, लोहरदगा में कांग्रेस की जीत के लिए जोर लगाया था. 

शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन, सुबोधकांत सहाय, बाबूलाल मरांडी, स्टीफन मरांडी, मधु कोड़ा, गीता कोड़ा, धीरज प्रसाद साहु सरीखे नेताओं के बीच बंधु का अहम स्थान माना जाता रहा है. 

इसे भी पढ़ें: बोकारो थर्मलः बैटरी चोरी के आरोपी को भीड़ ने पीट कर मार डाला

आदिवासियों के बीच बंधु तिर्की की पैठ रही है और बेबाक बोलने के लिए उन्हें जाना जाता है. बंधु तिर्की का मांडर से ही चुनाव लड़ना तय है. लेकिन गठबंधन नहीं होने की स्थिति में वे किस दल से लड़ेंगे, इसके पत्ते नहीं खोले हैं.

बंधु के जेल में रहने से बीजेपी राहत महसूस कर सकती है. लेकिन बंधु के समर्थक और कार्यकर्ता मैदान संभाल रहे हैं.

मांडर में सात नवंबर को चुनाव है. जाहिर है वक्त कम है. जमानत नहीं मिलने की स्थिति में बंधु के मैदान में नहीं होने का लाभ बीजेपी उठाना चाहेगी.

अंदरखाने की खबरों के मुताबिक कांग्रेस की भी बंधु तिर्की पर सीधी नजर है और जेएमएम भी इस स्थिति के लिए रजामंद है. 


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